पुलिस के मुताबिक किशोरी 12 अक्टूबर 2026 को लापता हुई थी। इस संबंध में जानकारी मिलने के बाद पीथमपुर के सेक्टर-1 थाना पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर टीम गठित की गई। टीम ने किशोरी का पता लगाने के लिए प्रयास किए और आखिरकार उसे खोज लिया। इसके बाद पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई पूरी करते हुए किशोरी को उसके परिवार के सुपुर्द कर दिया।
सेक्टर-1 थाने के उपनिरीक्षक सुशील यदुवंशी ने बताया कि आरोपी नाबालिग पर 12 अक्टूबर को किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने का आरोप है। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने तलाश अभियान चलाया। किशोरी के मिलने पर उसके बयान दर्ज किए गए। इन्हीं बयानों के आधार पर दुष्कर्म के आरोप और पॉक्सो एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।
पुलिस ने मामले में आरोपित नाबालिग को भी पकड़ लिया है। चूंकि आरोपी नाबालिग है इसलिए उसे झाबुआ के बाल संप्रेषण गृह भेजा गया है। पुलिस अब मामले से जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों की जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
इस मामले में किशोरी की सुरक्षित बरामदगी पुलिस के लिए महत्वपूर्ण कदम है। हालांकि घटना से जुड़े आरोपों की पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही होगी। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है और मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। नाबालिग से जुड़े मामले में पीड़िता की पहचान और उसकी निजता सुरक्षित रखना भी आवश्यक है।
