
शिवपुरी, 30 अक्टूबर। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने शुक्रवार को शिवपुरी के मानस भवन में आयोजित जनजातीय शिल्पकार नामिका मेले का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्व-सहायता समूहों से जुड़ी जनजातीय महिलाओं के स्टॉलों पर पहुंचकर उनके उत्पादों का अवलोकन किया और महिलाओं से सीधे संवाद कर उनके कार्यों की जानकारी ली। कलेक्टर ने स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने और महिलाओं को उनके उत्पादों का उचित मूल्य दिलाने के लिए ट्राइफेड के प्रतिनिधियों से चर्चा की।
बूढ़ाडोंगर की महिलाओं के जैकेट की सराहना

मेले में बदरवास विकासखंड के बूढ़ाडोंगर गांव की महिलाओं द्वारा तैयार किए गए जैकेट विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। कलेक्टर अर्पित वर्मा ने इन जैकेटों को देखकर महिलाओं के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने मौके पर मौजूद ट्राइफेड के अधिकारियों से चर्चा करते हुए कहा कि इन उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने से महिला शिल्पकारों को उचित मूल्य मिल सकेगा और उनके उत्पादों को व्यापक पहचान भी मिलेगी।
पारंपरिक और जैविक उत्पादों का किया प्रदर्शन
मेले में विभिन्न गांवों से आईं महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्यों ने पारंपरिक हस्तनिर्मित एवं जैविक उत्पादों का प्रदर्शन किया। इनमें शुद्ध सरसों और मूंगफली का तेल, खजूर की झाड़ू, सूखा आंवला, मक्का, पौष्टिक दलिया तथा पारंपरिक बरी-पापड़ शामिल रहे। राजकुमारी आदिवासी द्वारा तैयार की गई पारंपरिक डलियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं। इसके अलावा विभिन्न जड़ी-बूटियों को भी प्रदर्शित किया गया।
महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण पर जोर
कलेक्टर अर्पित वर्मा ने जनजातीय महिलाओं के स्वावलंबन और उद्यमिता की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन उनकी आजीविका को मजबूत करने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जिला प्रशासन की ओर से महिलाओं के उत्पादों की बिक्री, विपणन और बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।
इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विजय राज, मध्यप्रदेश ग्रामीण आजीविका मिशन के जिला परियोजना प्रबंधक डॉ. अरविंद भार्गव, ट्राइफेड के सहायक प्रबंधक पी.एम. खदाने एवं जी.के. रजक सहित स्व-सहायता समूहों की महिलाएं और अन्य नागरिक उपस्थित रहे।
