हूतियों के खिलाफ लड़ रहे सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने शुक्रवार को बताया कि उसने मदीना क्षेत्र के ऊपर एक ड्रोन को रोककर नष्ट कर दिया। मदीना में पैगंबर मोहम्मद की मस्जिद (मस्जिद-ए-नबवी) स्थित है, जो इस्लाम के सबसे पवित्र धार्मिक स्थलों में से एक है। इससे पहले गठबंधन ने मक्का क्षेत्र में भी एक ड्रोन को रोकने की जानकारी दी थी।
अदन में राष्ट्रपति महल और हवाई अड्डे पर मिसाइलें
एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, हूतियों ने दो मिसाइलों से अदन स्थित राष्ट्रपति महल को निशाना बनाया। यमन सरकार के एक सैन्य प्रवक्ता ने भी बताया कि शुक्रवार को अदन हवाई अड्डे और अल-माशीक राष्ट्रपति महल परिसर पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया गया। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि मिसाइलें अपने लक्ष्य पर लगीं या नहीं। हमले में किसी के हताहत होने या नुकसान की भी पुष्टि नहीं हुई है।
दो प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उन्होंने राष्ट्रपति महल परिसर की ओर एम्बुलेंस जाते देखीं। इस परिसर में कई इमारतें हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, इससे कुछ समय पहले शहर में दो धमाकों की आवाज भी सुनाई दी थी।
दक्षिणी बंदरगाह शहर अदन यमन की अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार का प्रमुख केंद्र है। वर्ष 2014 में हूतियों ने इस सरकार को राजधानी सना से बाहर कर दिया था। इसके बाद से यमन में संघर्ष जारी है और जुलाई में लड़ाई तेज होने के बाद अदन को लगातार हमलों का सामना करना पड़ रहा है।
शुक्रवार के मिसाइल हमलों से पहले बुधवार को भी हूतियों ने अदन हवाई अड्डे को निशाना बनाया था। इस हमले से पहले संगठन ने लोगों को हवाई अड्डे से दूर चले जाने की चेतावनी दी थी। यह हवाई अड्डा दक्षिणी यमन में मानवीय सहायता पहुंचाने के लिहाज से एक महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार है।
मक्का और मदीना के धार्मिक महत्व के कारण बढ़ी चिंता
मक्का में ग्रैंड मस्जिद (मस्जिद अल-हरम) और काबा स्थित हैं, जबकि मदीना में पैगंबर की मस्जिद यानी मस्जिद-ए-नबवी है। इस्लाम में दोनों शहरों का विशेष धार्मिक महत्व है। यहां हर साल बड़ी संख्या में तीर्थयात्री और आगंतुक पहुंचते हैं।
सऊदी अरब पहले भी हूतियों पर मक्का और मदीना के आसपास हमले की कोशिश करने का आरोप लगा चुका है। सितंबर में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने दावा किया था कि उसने मक्का के दक्षिण में एक ड्रोन को रोककर नष्ट किया। गठबंधन के मुताबिक, यह ड्रोन मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने की कोशिश कर रहा था। उसने इसे मक्का को निशाना बनाने की हूतियों की दूसरी कोशिश बताया था।
हूतियों ने आरोपों को किया खारिज
हूती संगठन ने मक्का और मदीना को निशाना बनाने के आरोपों को बार-बार खारिज किया है। उसका कहना है कि उसके सैन्य अभियान सऊदी अरब के सैन्य ठिकानों और ऊर्जा बुनियादी ढांचे तक सीमित हैं।
शुक्रवार को हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर सऊदी अरब की ओर ड्रोन भेजने के आरोपों को झूठा बताया। उन्होंने कहा कि संगठन ने सऊदी क्षेत्र के खिलाफ कोई सैन्य अभियान नहीं चलाया है। उनके मुताबिक, हूतियों के हमलों का निशाना केवल सऊदी अरब के तेल ठिकाने और सैन्य अड्डे रहे हैं। हूतियों ने सऊदी अरब पर हमलों के झूठे दावे गढ़ने का आरोप भी लगाया है।
