जाह्नवी कपूर ने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में कहा कि वह लगातार अलग-अलग भाषाओं की फिल्मों में काम कर रही हैं और खुद को बहुभाषी अभिनेत्री के रूप में विकसित करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने बताया कि तेलुगु फिल्मों में काम करने का अनुभव उन्हें काफी पसंद आया और वह तमिल सिनेमा में भी आगे काम करने की इच्छुक हैं। हालांकि मलयालम भाषा की ध्वनियों और उच्चारण को समझना उनके लिए काफी कठिन साबित हुआ, जिसके कारण उन्हें इसमें सहजता महसूस नहीं हुई।
अभिनेत्री ने यह भी कहा कि हर भाषा की अपनी एक खूबसूरती होती है और मलयालम भाषा भी बेहद समृद्ध और सुंदर है, लेकिन उसके फोनेटिक्स को पकड़ना उनके लिए चुनौतीपूर्ण रहा। इसी वजह से उन्होंने यह माना कि फिलहाल वह मलयालम फिल्मों में दोबारा काम करने के लिए तैयार नहीं हैं। उनके अनुसार, अभिनय केवल भावनाओं का नहीं बल्कि भाषा के सही उच्चारण और अभिव्यक्ति का भी संतुलन होता है, जो मलयालम में उनके लिए कठिन रहा।
दूसरी ओर, जाह्नवी कपूर ने तेलुगु सिनेमा में अपनी बढ़ती रुचि को लेकर उत्साह भी जताया है। उन्होंने कहा कि दक्षिण भारतीय फिल्मों का दायरा बहुत व्यापक है और वहां की कहानियां, संस्कृति और प्रस्तुति शैली उन्हें आकर्षित करती है। तमिल फिल्मों में भी काम करने की उनकी इच्छा बनी हुई है और वह भविष्य में इन इंडस्ट्रीज में अधिक सक्रिय भूमिका निभाना चाहती हैं।
जाह्नवी कपूर ने अपने करियर की शुरुआत हिंदी फिल्मों से की थी और धीरे-धीरे उन्होंने विभिन्न प्रकार की भूमिकाओं में खुद को स्थापित किया है। अब वह दक्षिण भारतीय सिनेमा में भी अपनी उपस्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही हैं। उनकी आने वाली फिल्म एक बड़े स्तर की प्रोजेक्ट है, जिसमें वह एक अहम भूमिका निभा रही हैं और यह फिल्म रिलीज से पहले ही चर्चा में बनी हुई है।
फिल्म इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि आज के समय में कलाकारों का विभिन्न भाषाओं की फिल्मों में काम करना एक सामान्य ट्रेंड बन चुका है। ऐसे में भाषा की चुनौती के बावजूद कई कलाकार नए क्षेत्रों में खुद को साबित करने की कोशिश कर रहे हैं। जाह्नवी कपूर का यह बयान इसी बदलते फिल्मी परिदृश्य को दर्शाता है, जहां कलाकार अपनी क्षमता और सुविधा के अनुसार प्रोजेक्ट चुन रहे हैं।
फिलहाल जाह्नवी कपूर अपनी आगामी फिल्म की रिलीज को लेकर व्यस्त हैं और दर्शकों को उनसे इस प्रोजेक्ट में एक नए अंदाज की उम्मीद है।
