न्यायमूर्ति दिनेश भट्ट की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि फिल्म की रिलीज अगले दिन निर्धारित है और फिलहाल रोक लगाने का आधार याचिकाकर्ता के पक्ष में नजर नहीं आता। अदालत ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता के पास कोई महत्वपूर्ण अधिकार हो सकता है, लेकिन इस स्तर पर फिल्म के प्रदर्शन पर रोक नहीं लगाई जा रही है। सौरव गांगुली के साथ लव फिल्म्स एलएलपी भी इस मुकदमे में वादी है। यह कंपनी पूर्व भारतीय कप्तान पर आधारित एक अलग बायोपिक बना रही है।
मामले में गांगुली की ओर से पेश वकील ने व्यक्तित्व के अधिकारों के उल्लंघन की आशंका जताई। उनका कहना था कि फिल्म ‘दूसरा’ का प्रचार सौरव गांगुली के नाम पर किया जा रहा है और दर्शकों के सामने उन्हें ही फिल्म का मुख्य नायक बताया जा रहा है। वकील ने दलील दी कि गांगुली और उनका जीवन फिल्म का प्रमुख विषय हैं, जबकि इसके निर्माण के लिए उनसे कोई लाइसेंस या अनुमति नहीं ली गई। उन्होंने फिल्म की रिलीज टालने के लिए निर्माताओं की ओर से किए गए अग्रिम भुगतान की राशि चुकाने की पेशकश भी की।
दूसरी ओर, फिल्म निर्माताओं की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि ‘दूसरा’ सौरव गांगुली की बायोपिक नहीं है। उन्होंने कहा कि फिल्म की कहानी राजस्थान की एक मध्यमवर्गीय लड़की पर आधारित है, जो पूर्व भारतीय कप्तान से जुड़े कुछ खेल आयोजनों से प्रेरित होकर क्रिकेट की दुनिया में कदम रखती है। निर्माताओं के अनुसार, गांगुली से जुड़ी कुछ क्लिप का इस्तेमाल करने के लिए आवश्यक अनुमति ली गई थी। सुनवाई के दौरान निर्माताओं के वकील ने याचिका को अंतिम समय में दबाव बनाने की कोशिश बताते हुए कहा कि फिल्म के लिए सौ से अधिक सिनेमाघर बुक किए जा चुके हैं और उनके लिए अग्रिम भुगतान भी किया जा चुका है।
निर्माताओं की ओर से यह भी दलील दी गई कि याचिकाकर्ताओं ने अब तक फिल्म देखी ही नहीं है और उनकी आशंकाएं अनुमानों पर आधारित हैं। वकील ने वर्ष 2002 की नेटवेस्ट वनडे सीरीज की क्लिप का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया कि ऐसी क्लिप के आधार पर कोई खिलाड़ी व्यक्तित्व के अधिकारों का दावा कैसे कर सकता है। इस तरह सुनवाई में फिल्म की विषयवस्तु, प्रचार और गांगुली के व्यक्तित्व से जुड़े अधिकार प्रमुख मुद्दे रहे।
सुविधा का संतुलन एक कानूनी कसौटी है, जिसका इस्तेमाल अदालतें अंतरिम रोक लगाने के अनुरोध पर विचार करते समय करती हैं। इसमें यह देखा जाता है कि यदि रोक नहीं लगाई जाती तो याचिकाकर्ता को कितना नुकसान हो सकता है और यदि रोक लगा दी जाती तो दूसरे पक्ष को क्या नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसी कसौटी पर विचार करते हुए अदालत ने फिलहाल फिल्म की रिलीज रोकने से इनकार किया।
‘दूसरा : इंडियाज अदर फ्रीडम स्ट्रगल’ का निर्देशन अभिनय देव ने किया है। फिल्म में प्लबिता बोरठाकुर, अंकुर विकल और समिधा गुरु मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे। कहानी एक मध्यमवर्गीय राजस्थानी लड़की के क्रिकेट की दुनिया में प्रवेश करने के सफर पर केंद्रित बताई गई है। अदालत ने तत्काल रोक लगाने की मांग स्वीकार नहीं की है और मामले की आगे की सुनवाई शुक्रवार को निर्धारित की गई है।
