अदाणी समूह का हिस्सा अंबुजा सीमेंट्स फिलहाल देशभर में 113.5 एमटीपीए उत्पादन क्षमता के साथ कारोबार कर रही है। कंपनी के पास 24 इंटीग्रेटेड सीमेंट प्लांट और 24 ग्राइंडिंग यूनिट हैं। नए निवेश के जरिए कंपनी अपने विनिर्माण नेटवर्क को और मजबूत करने के साथ ही प्रमुख बाजारों के नजदीक उत्पादन सुविधाएं विकसित करना चाहती है। अदाणी समूह के सीमेंट कारोबार के सीईओ विनोद बहेटी के मुताबिक विस्तार का उद्देश्य केवल उत्पादन क्षमता बढ़ाना नहीं है बल्कि कंपनी के मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क को अधिक संतुलित और प्रभावी बनाना भी है। क्लिंकर और ग्राइंडिंग क्षमता के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करके कंपनी अपने उत्पादन और सप्लाई नेटवर्क को मजबूत करेगी।
कंपनी की योजना के तहत पश्चिमी भारत में 15.5 एमटीपीए की नई ग्राइंडिंग क्षमता स्थापित की जाएगी। वहीं पूर्वी भारत में 11.6 एमटीपीए और उत्तरी भारत में 2.9 एमटीपीए की क्षमता बढ़ाई जाएगी। इसके साथ ही क्लिंकर उत्पादन क्षमता में भी बड़ा इजाफा किया जाएगा। असम के उमरांगसो में 4 एमटीपीए की नई क्षमता विकसित होगी। पश्चिमी क्लस्टर के मराठा में भी 4 एमटीपीए और मुंद्रा में 2.3 एमटीपीए की क्लिंकर उत्पादन क्षमता स्थापित करने की योजना है। इससे कंपनी को अपने विस्तारित ग्राइंडिंग नेटवर्क के लिए जरूरी कच्चे माल की उपलब्धता बनाए रखने में मदद मिलेगी।
अंबुजा सीमेंट्स का मानना है कि बाजारों के करीब उत्पादन सुविधाएं विकसित होने से परिवहन की दूरी कम होगी और लॉजिस्टिक्स पर होने वाला खर्च घटेगा। इसके अलावा बेहतर उत्पादन व्यवस्था से मैन्युफैक्चरिंग लागत में भी कमी आने की उम्मीद है। कंपनी के सीईओ ने बताया कि विस्तार के जरिए वित्त वर्ष 2028 तक 4 हजार रुपए प्रति मीट्रिक टन की लागत हासिल करने की दिशा में काम किया जा रहा है। कंपनी बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने के साथ लागत दक्षता और प्रीमियम सीमेंट की बिक्री को भी अपनी रणनीति का अहम हिस्सा बना रही है।
कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में ही 4.6 एमटीपीए अतिरिक्त क्षमता जोड़ी है। इसमें गुजरात के दहेज में 1.2 एमटीपीए का ब्राउनफील्ड विस्तार शामिल है। उत्तर प्रदेश में 2.4 एमटीपीए क्षमता वाली सलई बनवा ग्राइंडिंग यूनिट और महाराष्ट्र के कलंबोली में 1 एमटीपीए का विस्तार भी पूरा किया गया है। इन परियोजनाओं के बाद कंपनी की कुल उत्पादन क्षमता 113.5 एमटीपीए हो गई है।
इसके अलावा पंजाब के बठिंडा में 1.2 एमटीपीए और राजस्थान के जोधपुर पेन्ना इंटीग्रेटेड यूनिट में 2 एमटीपीए क्षमता जोड़ी गई है। इन दोनों परियोजनाओं की कुल 3.2 एमटीपीए क्षमता स्थिर हो चुकी है और वित्त वर्ष 2027 की दूसरी छमाही में इनके उत्पादन में और बढ़ोतरी की उम्मीद है। बिहार के वारिसलीगंज में 2.4 एमटीपीए क्षमता वाली ग्राइंडिंग यूनिट भी इसी अवधि में चालू की जाएगी। कंपनी का अनुमान है कि मार्च 2027 के अंत तक उसकी कुल सीमेंट उत्पादन क्षमता 119 एमटीपीए तक पहुंच सकती है।
अधिग्रहण के बाद से 30 सितंबर 2026 तक अंबुजा सीमेंट्स 11 क्षमता विस्तार परियोजनाएं पूरी कर चुकी है। इनके माध्यम से कंपनी ने 16.3 एमटीपीए सीमेंट उत्पादन क्षमता और 9 एमटीपीए क्लिंकर उत्पादन क्षमता जोड़ी है। अब 14 हजार 500 करोड़ रुपए के नए निवेश के जरिए कंपनी सीमेंट उद्योग में अपनी स्थिति मजबूत करने और आने वाले वर्षों में बढ़ती मांग का लाभ उठाने की तैयारी कर रही है।
