6 घंटे का सफर अब सिर्फ ढाई घंटे
इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से नई दिल्ली से देहरादून तक की यात्रा का समय लगभग 6 घंटे से घटकर सिर्फ 2.5 घंटे रह जाएगा। इससे यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आरामदायक सफर का अनुभव मिलेगा।
‘सिर्फ सड़क नहीं, आर्थिक विकास का इंजन’
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इस परियोजना को देश के आर्थिक विकास का बड़ा माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि यह कॉरिडोर व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा और क्षेत्रीय विकास को गति देगा।
पर्यटन को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
इस कॉरिडोर से हरिद्वार, ऋषिकेश और देहरादून जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान हो जाएगी। खासतौर पर उत्तराखंड जैसे पर्यटन-प्रधान राज्य के लिए यह परियोजना बेहद लाभकारी साबित होगी।
आर्थिक और औद्योगिक विकास के नए अवसर
बेहतर कनेक्टिविटी से:
उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा
निवेश आकर्षित होगा
स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे
क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी
आधुनिक सुविधाओं से लैस हाईवे
यह कॉरिडोर अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ तैयार किया गया है:
10 इंटरचेंज
3 रेलवे ओवरब्रिज (ROB)
4 बड़े पुल
12 रोडसाइड सुविधाएं
एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATM)
पर्यावरण संरक्षण का भी रखा गया ध्यान
इस परियोजना में पर्यावरण संतुलन को विशेष महत्व दिया गया है।
12 किमी लंबा वन्यजीव एलिवेटेड कॉरिडोर (एशिया के सबसे लंबे में से एक)
8 पशु मार्ग
2 हाथी अंडरपास
370 मीटर लंबी सुरंग (दात काली मंदिर के पास)
इन सुविधाओं से वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जाएगी और मानव-वन्यजीव संघर्ष कम होगा।
आगे और मजबूत होगी कनेक्टिविटी
मंत्री ने बताया कि सहारनपुर बाईपास से हरिद्वार तक 51 किमी लंबा 6-लेन सुपररोड भी जल्द शुरू किया जाएगा, जिससे इस पूरे क्षेत्र की कनेक्टिविटी और बेहतर होगी।
