वित्त मंत्री बुधवार शाम नई दिल्ली से चेन्नई पहुंचीं, जहां भारतीय जनता पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। दौरे की शुरुआत तमिलनाडु के कांचीपुरम जिले से होगी, जहां वह महिलाओं की शिक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण से जुड़े एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में भाग लेंगी। कांचीपुरम स्थित एसएसकेवी कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड साइंस फॉर विमेन में वह ‘डॉटर्स ऑफ कांची – द एसएसकेवी स्टोरी’ नामक पुस्तक का विमोचन करेंगी।
यह पुस्तक संस्थान के इतिहास, उपलब्धियों और समाज में उसके योगदान को रेखांकित करती है। विशेष रूप से महिलाओं की शिक्षा के क्षेत्र में संस्थान की भूमिका और उसके प्रभाव को विस्तार से प्रस्तुत किया गया है। माना जा रहा है कि कार्यक्रम के दौरान वित्त मंत्री छात्रों, शिक्षकों और स्थानीय नागरिकों से संवाद भी करेंगी तथा शिक्षा के महत्व और महिलाओं की भागीदारी पर अपने विचार साझा करेंगी।
कांचीपुरम लंबे समय से अपनी सांस्कृतिक पहचान और पारंपरिक हथकरघा उद्योग के लिए जाना जाता है। यह क्षेत्र वित्त मंत्री के लिए भी विशेष महत्व रखता है। वह विभिन्न अवसरों पर कांचीपुरम की प्रसिद्ध बुनाई परंपरा और यहां के शिल्पकारों के योगदान का उल्लेख करती रही हैं। हाल के वर्षों में उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर इस क्षेत्र की कला और हस्तशिल्प को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया है।
दौरे के दूसरे चरण में वित्त मंत्री पुडुचेरी पहुंचेंगी, जहां वह ऐतिहासिक महत्व रखने वाले पुनर्निर्मित लाइटहाउस का उद्घाटन करेंगी। यह कार्यक्रम सेंट्रल गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स कमिश्नरेट परिसर में आयोजित होगा। लंबे समय से संरक्षण और मरम्मत की प्रक्रिया से गुजर रहे इस लाइटहाउस को अब नई पहचान के साथ आम लोगों के लिए प्रस्तुत किया जा रहा है।
इस परियोजना का उद्देश्य केवल एक ऐतिहासिक संरचना का संरक्षण करना नहीं है, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को भी सुरक्षित रखना है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे प्रयास पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय इतिहास के प्रति लोगों की जागरूकता भी बढ़ाते हैं। औपनिवेशिक काल की वास्तुकला और ऐतिहासिक महत्व को संरक्षित रखने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
अपने दौरे के अंतिम दिन वित्त मंत्री पुडुचेरी के एक सरकारी मध्य विद्यालय परिसर में स्थित लगभग 400 वर्ष पुराने ‘मुझियांकुलम’ के जीर्णोद्धार के बाद उसका उद्घाटन करेंगी। यह परियोजना ऐतिहासिक संरचनाओं के संरक्षण और सामुदायिक सुविधाओं के विकास को एक साथ जोड़ने का प्रयास है। इसके माध्यम से स्थानीय नागरिकों को बेहतर सार्वजनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान को भी सुरक्षित रखने का लक्ष्य रखा गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, तमिलनाडु और पुडुचेरी में होने वाले ये कार्यक्रम केंद्र सरकार की उस नीति को दर्शाते हैं, जिसमें शिक्षा, सांस्कृतिक विरासत और सामुदायिक विकास को समान महत्व दिया जा रहा है। वित्त मंत्री का यह दौरा स्थानीय स्तर पर चल रही विकास और संरक्षण परियोजनाओं को नई गति देने के साथ-साथ क्षेत्रीय पहचान और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को भी मजबूत करेगा।
