बैंकिंग और IT सेक्टर पर नजर
बाजार में बैंकिंग और IT सेक्टर हमेशा प्रमुख भूमिका निभाते हैं। यदि विदेशी निवेशकों की खरीदारी जारी रहती है तो इन सेक्टरों में तेजी देखी जा सकती है। वहीं, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी हल्की हलचल बनी रह सकती है।
वैश्विक संकेत तय करेंगे दिशा
कच्चे तेल की कीमतें और डॉलर इंडेक्स बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं। अगर कच्चे तेल में तेजी आती है तो भारतीय बाजार पर दबाव बढ़ सकता है। वहीं, विदेशी बाजारों में स्थिरता या तेजी से घरेलू बाजार को समर्थन मिल सकता है।
निवेशकों के लिए सावधानी जरूरी
विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे समय में निवेशकों को जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचना चाहिए। छोटे समय के ट्रेड में जोखिम अधिक हो सकता है, इसलिए स्टॉप-लॉस का इस्तेमाल जरूरी माना जाता है।
कुल मिलाकर 22 जून को शेयर बाजार में हल्की तेजी के साथ उतार-चढ़ाव का माहौल रह सकता है। बाजार किसी एक दिशा में मजबूत ट्रेंड बनाने से पहले वैश्विक संकेतों का इंतजार कर सकता है।
