शिवपुरी, 21 अगस्त 2026। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के आकस्मिक निरीक्षण में आंगनवाड़ी केंद्र दबरा-2 की व्यवस्थाओं की पोल खुल गई। केंद्र में गंदगी, बच्चों की कम उपस्थिति, बुनियादी शिक्षा के अभाव से लेकर पोषण ट्रैकर पर आवश्यक जानकारी दर्ज नहीं करने और कुपोषित बच्चों की देखभाल में गंभीर लापरवाही सामने आई। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर के निर्देश पर संबंधित आंगनवाड़ी कार्यकर्ता रानी यादव को सेवा से पृथक कर दिया गया।
कलेक्टर श्री वर्मा ने गत दिवस आंगनवाड़ी केंद्र दबरा-2 का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान केंद्र की व्यवस्थाएं बेहद खराब मिलीं। केंद्र में साफ-सफाई का अभाव था और बच्चों की संख्या भी अपेक्षाकृत काफी कम पाई गई। निरीक्षण में यह भी सामने आया कि बच्चों को दी जाने वाली बुनियादी शिक्षा पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा था।
पोषण व्यवस्था में भी मिली गंभीर लापरवाही
निरीक्षण के दौरान पोषण ट्रैकर ऐप पर आवश्यक जानकारियां नियमित रूप से दर्ज नहीं किए जाने की बात सामने आई। कुपोषित बच्चों के खान-पान और पोषण संबंधी जरूरतों की समुचित निगरानी नहीं की जा रही थी। गंभीर कुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में नियमित रूप से भर्ती कराने में भी लापरवाही पाई गई।
ग्रामीणों ने भी की शिकायत
निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने कलेक्टर से शिकायत की कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता निर्धारित समय पर केंद्र पर नहीं आती हैं। बताया गया कि पर्यवेक्षक द्वारा बार-बार समझाइश दिए जाने के बावजूद कार्यकर्ता श्रीमती रानी यादव के कार्य व्यवहार में अपेक्षित सुधार नहीं आया।
मामले में कलेक्टर के निर्देश पर महिला एवं बाल विकास विभाग, करैरा के परियोजना अधिकारी अमित यादव ने संबंधित कार्यकर्ता को कारण बताओ नोटिस जारी किया। कार्यकर्ता द्वारा प्रस्तुत जवाब का परीक्षण करने के बाद उसे असंतोषजनक पाया गया।
इसके बाद करैरा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के अनुमोदन के उपरांत आंगनवाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती रानी यादव को तत्काल प्रभाव से सेवा से पृथक कर दिया गया।
कलेक्टर की इस कार्रवाई को आंगनवाड़ी केंद्रों में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के लिए स्पष्ट संदेश के रूप में देखा जा रहा है कि बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा जैसे संवेदनशील दायित्वों में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
