उमरिया। बाघों के गढ़ के रूप में विश्वभर में प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व ने पर्यटन वर्ष 2025-26 का शानदार समापन करते हुए कई नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। इस सत्र में देश-विदेश से 2.11 लाख से अधिक पर्यटक बांधवगढ़ पहुंचे, जबकि पर्यटन से 19.50 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व अर्जित हुआ। यह पिछले पर्यटन वर्ष की तुलना में 3 करोड़ रुपये से अधिक की वृद्धि दर्शाता है।
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर डॉ. अनुपम सहाय ने बताया कि पूरे पर्यटन सत्र के दौरान 1.80 लाख से अधिक भारतीय एवं 31 हजार से अधिक विदेशी पर्यटकों ने बांधवगढ़ का भ्रमण किया। पर्यटकों की रिकॉर्ड संख्या ने बांधवगढ़ को देश के प्रमुख वन्यजीव पर्यटन स्थलों में और अधिक मजबूत पहचान दिलाई है।
इस पर्यटन सत्र में पर्यटकों को बाघ, तेंदुआ, भालू, गौर, हाथी, सांभर, चीतल, जंगली कुत्ते सहित पक्षियों की कई दुर्लभ प्रजातियों के दर्शन हुए। कोर क्षेत्र के ताला, मगधी और खितौली के अलावा पनपथा सहित अन्य बफर क्षेत्रों में भी पर्यटकों ने वन्यजीवों और प्राकृतिक सौंदर्य का भरपूर आनंद लिया।
वन विभाग ने पूरे पर्यटन सत्र के दौरान पर्यटकों को सुरक्षित और बेहतर अनुभव उपलब्ध कराने के लिए सफारी संचालन, ऑनलाइन आरक्षण व्यवस्था, पर्यटक सुविधाओं के विस्तार तथा प्रशिक्षित गाइड एवं वाहन चालकों की सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया। साथ ही पर्यटन नियमों के पालन और जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लगातार निगरानी एवं जागरूकता अभियान भी संचालित किए गए।
बांधवगढ़ का पर्यटन स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हुआ। गाइड, जिप्सी चालक, होटल एवं रिसॉर्ट संचालक, स्थानीय उद्यमी तथा अन्य सेवा प्रदाताओं को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार और आय के अवसर मिले, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिली।
वन विभाग ने पर्यटकों को स्वच्छता, प्लास्टिक मुक्त पर्यटन और वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाने के लिए भी प्रेरित किया। विभाग का कहना है कि संरक्षण और विकास के बीच संतुलन बनाए रखते हुए भविष्य में भी वैज्ञानिक वन्यजीव संरक्षण, स्थानीय समुदायों की सहभागिता और उत्कृष्ट पर्यटन प्रबंधन के माध्यम से सतत एवं जिम्मेदार प्रकृति पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा।
पर्यटन वर्ष 2025-26 की सफलता पर बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने स्थानीय समुदायों, गाइडों, वाहन चालकों, होटल एवं रिसॉर्ट संचालकों, मीडिया प्रतिनिधियों तथा वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया।
