राजा रघुवंशी की मौत के बाद उनके ट्रांसपोर्ट कारोबार की जिम्मेदारी अर्पित चौहान ने संभाली थी। राजा के भाई विपिन रघुवंशी के मुताबिक, राजा, अर्पित और विपिन का साला मिलकर ट्रांसपोर्ट का काम देखते थे। राजा की मौत के बाद अर्पित ने उनके हिस्से का पूरा काम संभाल लिया था। विपिन ने बताया कि अर्पित और राजा की दोस्ती करीब 8 से 10 साल पुरानी थी। राजा की मौत के बाद भी अर्पित उनके परिवार के साथ मजबूती से खड़ा रहा और परिवार के सदस्य की तरह उनकी जिम्मेदारियों में साथ देता रहा। इसी वजह से परिवार के लोगों के साथ उसका करीबी संबंध बना हुआ था।
विपिन रघुवंशी ने बताया कि वह अर्पित को अपने छोटे भाई की तरह मानते थे। उनके मुताबिक, जब राजा के बड़े भाई सचिन रघुवंशी के घर बेटे का जन्म हुआ था, तब परिवार ने इसे राजा का पुनर्जन्म मानते हुए खुशी मनाई थी। इस दौरान अर्पित भी परिवार के साथ था और वह इस मौके पर बेहद खुश था। विपिन ने यह भी बताया कि राजा की शादी की खरीदारी के दौरान अर्पित उनके साथ रहता था। राजा की शादी से जुड़े कार्यक्रमों के लिए जो कपड़े उन्होंने पसंद किए थे, अर्पित ने भी अपनी शादी के कार्यक्रमों के लिए उनसे मिलते-जुलते कपड़े खरीदे थे। इन घटनाओं से दोनों दोस्तों के बीच लंबे समय से चले आ रहे करीबी संबंधों का पता चलता है।
अर्पित की मौत के बाद अब इस घटना को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। परिवार के मुताबिक, राजा की मौत के बाद अर्पित उनके ट्रांसपोर्ट कारोबार की जिम्मेदारी संभाल रहा था और परिवार के साथ भी संपर्क में था। ऐसे में उसने यह कदम क्यों उठाया, इसे लेकर उसके करीबी लोग सवाल कर रहे हैं। राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने कहा कि अर्पित की मौत की गहराई से जांच होना जरूरी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि उसने आत्महत्या जैसा कदम किन परिस्थितियों में उठाया। अर्पित ने अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र स्थित अपने साले के घर में फांसी लगाई। पुलिस अब घटना से जुड़ी परिस्थितियों और मौत के कारणों की जांच कर रही है। इस घटना ने राजा रघुवंशी के परिवार और उनके करीबी लोगों के बीच एक और सवाल खड़ा कर दिया है।
