प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में रहवासी हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर सड़क पर पहुंचे और नारेबाजी की। बाग मुगालिया एक्सटेंशन कॉलोनी विकास समिति के अध्यक्ष उमाशंकर तिवारी के मुताबिक करीब 85 एकड़ में फैली इस कॉलोनी में 1206 से अधिक मकान हैं। कॉलोनी में सड़क निर्माण के लिए 29 अप्रैल 2026 को करीब 17 करोड़ रुपए का टेंडर हुआ था। रहवासियों का कहना है कि उन्हें उम्मीद थी कि इस राशि से कॉलोनी की सड़क व्यवस्था बेहतर होगी लेकिन निर्माण शुरू होने के बाद सड़क के अलग अलग हिस्सों में अलग तरीके से काम होता दिखाई दे रहा है।
रहवासियों के अनुसार कॉलोनी के HIG और MIG आवासों वाले हिस्से में सीमेंटेड सड़क बनाई जा रही है। लोगों का आरोप है कि कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के आवासों के सामने भी सीमेंटेड सड़क का निर्माण किया गया है। इसके बाद जब EWS और LIG आवासों वाले हिस्से में सड़क निर्माण शुरू हुआ तो वहां डामर की सड़क बनाए जाने की तैयारी शुरू हो गई। इसी बात को लेकर स्थानीय लोगों ने सवाल उठाते हुए विरोध दर्ज कराया है।
मामले की जानकारी क्षेत्रवासियों ने मंत्री कृष्णा गौड़ और PWD अधिकारियों तक भी पहुंचाई। रहवासियों ने मांग की कि EWS और LIG क्षेत्र में भी सीमेंटेड सड़क बनाई जाए। उनका कहना है कि छोटे मकानों वाले हिस्से में रहने वाले लोगों को भी उतनी ही मजबूत और टिकाऊ सड़क मिलनी चाहिए जितनी कॉलोनी के अन्य हिस्सों में बनाई जा रही है।
वहीं PWD अधिकारियों की ओर से रहवासियों को बताया गया कि टेंडर में सीमेंटेड और डामर दोनों तरह की सड़कों का प्रावधान रखा गया है। अधिकारियों के मुताबिक EWS और LIG क्षेत्र में डामर की सड़क ही बनाई जाएगी। उनका कहना है कि यदि रहवासी सीमेंटेड सड़क की मांग पर जोर देते हैं तो इसके लिए अतिरिक्त फंड उपलब्ध नहीं है और ऐसी स्थिति में काम रोकना पड़ सकता है।
रहवासियों का सवाल इसी बात को लेकर है कि यदि एक ही कॉलोनी में दोनों तरह की सड़क बनाने का प्रावधान था तो निर्माण का आधार क्या तय किया गया है। लोगों का कहना है कि अधिकारियों के आवासों वाले हिस्से में सीमेंटेड सड़क और छोटे आवासों वाले हिस्से में डामर सड़क होने से उन्हें असमानता महसूस हो रही है। उनका यह भी कहना है कि कुछ हिस्सों में छोटे आवासों को छोड़कर करीब 300 मीटर आगे फिर अधिकारियों के आवासों के सामने सीमेंटेड सड़क बनाई जा रही है।
EWS और LIG-1 तथा LIG-2 क्षेत्र में डामर सड़क का काम शुरू होने के बाद गुरुवार सुबह रहवासी मौके पर पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन किया। लोगों ने निर्माण कार्य को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए अधिकारियों से सड़क निर्माण की व्यवस्था पर दोबारा विचार करने की मांग की। रहवासियों ने कहा कि वे सीमेंटेड सड़क की मांग को लेकर अपना विरोध जारी रखेंगे। इसी क्रम में शनिवार को सुंदरकांड का पाठ आयोजित करने की भी बात कही गई है। अब देखना होगा कि PWD और प्रशासन रहवासियों की मांग पर क्या निर्णय लेते हैं और सड़क निर्माण की मौजूदा योजना में कोई बदलाव किया जाता है या नहीं।
