इस स्वीकृति के बाद छिंदवाड़ा के सांसद विवेक ‘बंटी’ साहू ने इसे अपनी पहल का परिणाम बताया है। उन्होंने कहा कि हाल ही में दिल्ली प्रवास के दौरान उन्होंने केंद्रीय कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी और पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात कर नई खदानों को मंजूरी देने का आग्रह किया था। इसके अलावा भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भी इस विषय पर चर्चा हुई थी। सांसद ने दावा किया कि लगातार प्रयासों के बाद यह मंजूरी मिली है, जिससे छिंदवाड़ा की औद्योगिक पहचान और मजबूत होगी।
मंजूरी मिलने के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। सांसद साहू ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि लंबे कार्यकाल के बावजूद जिले में नई कोयला खदानों को लेकर अपेक्षित काम नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि पहले के समय में खदानें बढ़ने के बजाय कुछ बंद भी हुईं, जिससे क्षेत्र की विकास गति प्रभावित हुई।
सांसद ने आगे कहा कि आने वाले समय में जिले में और भी नई कोयला खदानों को मंजूरी दिलाने के प्रयास किए जाएंगे। इससे न केवल रोजगार बढ़ेगा बल्कि छिंदवाड़ा की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। उन्होंने यह भी बताया कि जिले में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी कई योजनाएं स्वीकृत हुई हैं, जिनमें सीएम राइज स्कूल और नए उप स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं।
इसके साथ ही सावनेर-छिंदवाड़ा और छिंदवाड़ा-सिवनी फोरलेन सड़क परियोजना पर भी तेजी से काम किए जाने की बात कही गई है, जिन पर लगभग 2500 करोड़ रुपये के कार्य प्रस्तावित हैं। कुल मिलाकर, मोआरी खदान को मिली यह मंजूरी छिंदवाड़ा के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे आने वाले वर्षों में जिले की औद्योगिक और आर्थिक तस्वीर बदलने की उम्मीद है।
