सूचना मिलने पर पुलिस ने बुधवार को मौके पर दबिश दी और कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया पुलिस ने मौके से बाइबिल धार्मिक साहित्य लैपटॉप प्रोजेक्टर और साउंड सिस्टम सहित कई उपकरण जब्त किए हैं जिनका उपयोग कथित रूप से लोगों को एकत्र कर धार्मिक प्रचार प्रसार के लिए किया जा रहा था
बमनाला चौकी प्रभारी राजेंद्र आवास्या के अनुसार दोपहर करीब 12 बजे पुलिस टीम मौके पर पहुंची जहां से 13 बाइबिल 7 ईसाई साहित्य की पुस्तकें एक लैपटॉप एक प्रोजेक्टर और साउंड सिस्टम बरामद किया गया प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि इन डिजिटल साधनों के माध्यम से लोगों को प्रार्थना के लिए बुलाया जाता था और उन्हें कथित रूप से धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जाता था
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि यह गतिविधियां लंबे समय से चल रही थीं और आदिवासी क्षेत्र के लोगों को बीमारी दूर होने और चमत्कारिक लाभ का दावा करके प्रार्थना सभा में शामिल किया जाता था इसके साथ ही हिंदू रीति रिवाज छोड़ने और ईसाई धर्म अपनाने के लिए भी प्रेरित किया जाता था
पुलिस ने इस मामले में धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021 की धाराओं 3 और 5 के तहत केस दर्ज किया है और सभी चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है गिरफ्तार आरोपियों में गांव के राजू बड़ोले बबलू जमरे उमरिया झाबुआ निवासी सेतु मेड़ा और कल्यापुरा निवासी पंकज बारिया शामिल हैं पुलिस के अनुसार बबलू जमरे ने लगभग दो से तीन साल पहले ही खेत में यह मकान बनवाया था जहां से यह गतिविधियां संचालित की जा रही थीं
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तलाशी के दौरान कुछ गोपनीय दस्तावेज भी जब्त किए हैं जिनकी जांच की जा रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस कथित नेटवर्क के पीछे और कौन लोग जुड़े हैं और यह गतिविधियां कितने समय से चल रही थीं फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है और इलाके में इस घटना को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है
