10वीं कक्षा में पन्ना जिले की प्रतिभा सोलंकी ने इतिहास रचते हुए 500 में से 499 अंक हासिल किए और पूरे प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया। उनका यह प्रदर्शन न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे जिले के लिए गर्व का विषय बन गया है।
वहीं 12वीं की बात करें तो कॉमर्स संकाय में भोपाल की खुशी राय और चांदनी विश्वकर्मा ने संयुक्त रूप से टॉप किया। दोनों ने 500 में से 494 अंक हासिल किए और प्रदेश में पहला स्थान साझा किया। इसके अलावा अन्य विषयों में भी छात्रों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया।
आर्ट्स स्ट्रीम में मुरैना की श्रुति तोमर और छतरपुर के आकाश अहिरवार ने 489 अंकों के साथ टॉप किया। गणित समूह में सीहोर के श्लोक प्रजापति ने 493 अंक हासिल कर पहला स्थान पाया। कृषि संकाय में शिवपुरी की तुलसी राजावत और चंचल कुशवाह ने 493 अंक के साथ टॉप किया जबकि होम साइंस में छतरपुर की शाइस्ताह कुरैशी ने 485 अंक हासिल किए। जीव विज्ञान में इंदौर की तन्वी कुमावत ने 492 अंकों के साथ शीर्ष स्थान प्राप्त किया।
इस साल हायर सेकंडरी परीक्षा 10 फरवरी से 7 मार्च 2026 तक आयोजित की गई थी जिसमें करीब 6 लाख 89 हजार से अधिक छात्र शामिल हुए। परिणामों में 76.01 प्रतिशत नियमित छात्र पास हुए जबकि प्राइवेट परीक्षार्थियों का पास प्रतिशत 30.60 रहा। यह बीते 16 वर्षों में सबसे बेहतर परिणाम माना जा रहा है।
रिजल्ट के आंकड़ों पर नजर डालें तो छात्राओं ने एक बार फिर छात्रों से बेहतर प्रदर्शन किया है। मेरिट सूची में कुल 221 छात्रों ने जगह बनाई जिनमें 158 छात्राएं और 63 छात्र शामिल हैं। सरकारी स्कूलों का पास प्रतिशत 80.43 रहा जबकि निजी स्कूलों का प्रतिशत 69.6 दर्ज किया गया।
जिलेवार प्रदर्शन में झाबुआ ने सबसे अधिक 93.23 प्रतिशत पास प्रतिशत हासिल किया जबकि अनूपपुर दूसरे स्थान पर रहा। इस बार एक खास बदलाव यह भी किया गया है कि पूरक परीक्षा की जगह द्वितीय अवसर परीक्षा का प्रावधान किया गया है। जो छात्र असफल हुए हैं या अपने अंक सुधारना चाहते हैं वे 7 मई 2026 से शुरू होने वाली परीक्षा में शामिल हो सकते हैं।
रिजल्ट देखने के लिए छात्र आधिकारिक वेबसाइट mpbse nic in और mpresults nic in पर जाकर अपना परिणाम चेक कर सकते हैं। वेबसाइट स्लो या क्रैश होने की स्थिति में छात्र SMS के जरिए भी अपना रिजल्ट प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए MPBSE10 या MPBSE12 के साथ अपना रोल नंबर टाइप कर 56263 पर भेजना होगा। इसके अलावा डिजिलॉकर और मोबाइल ऐप के जरिए भी परिणाम आसानी से देखा जा सकता है।
कुल मिलाकर इस साल का रिजल्ट न केवल बेहतर रहा बल्कि इसने शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक संकेत भी दिए हैं। खासतौर पर छात्राओं का प्रदर्शन यह दिखाता है कि वे हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और सफलता के नए आयाम स्थापित कर रही हैं।
