रेलवे सूत्रों के अनुसार यह बालक विदिशा का रहने वाला कुशल बताया जा रहा है जो नई दिल्ली से चेन्नई जा रही जीटी एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 12616 से नागपुर स्टेशन पर पहुंचा था। ट्रेन के प्लेटफॉर्म नंबर तीन पर रुकने के दौरान बच्चा अकेला उतरकर इधर उधर घूमता हुआ दिखाई दिया जिससे स्टेशन पर मौजूद कर्मचारियों को उस पर शक हुआ।
इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात हेड टिकट परीक्षक विवेक व्यवहारे की नजर बच्चे पर पड़ी। उन्होंने तुरंत स्थिति को समझते हुए बच्चे से पूछताछ की और उसके अकेले होने की पुष्टि होने पर तत्काल रेलवे सुरक्षा बल और संबंधित अधिकारियों को सूचना दी।
रेलवे स्टाफ ने बिना देरी किए बच्चे को अपने संरक्षण में लिया और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की। इसके बाद चाइल्ड हेल्पलाइन को सूचना दी गई जिसके बाद बालक को उनके सुपुर्द कर दिया गया। फिलहाल बच्चे से प्रारंभिक पूछताछ की जा रही है और उसके परिजनों की जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है।
इस घटना ने एक बार फिर रेलवे स्टेशनों पर बच्चों की सुरक्षा और निगरानी की जरूरत को उजागर किया है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ बच्चों और कमजोर वर्गों की सुरक्षा भी उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है और इस तरह की घटनाओं में त्वरित कार्रवाई की जाती है।
रेलवे प्रशासन और चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि बच्चा ट्रेन में अकेला कैसे पहुंचा और उसके परिजन कहां हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार संभव है कि यात्रा के दौरान बच्चा अपने परिवार से बिछड़ गया हो।
फिलहाल बालक सुरक्षित है और उसे उचित देखभाल में रखा गया है। रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा के दौरान बच्चों पर विशेष ध्यान रखें ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके। यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि रेलवे स्टाफ की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से किसी भी बड़ी अनहोनी को रोका जा सकता है और समय रहते मानवता की मिसाल पेश की जा सकती है।
