इंस्टाग्राम की नई नीति पर विवाद
Instagram की ओर से 8 मई से एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग सेवा में बदलाव की सूचना दी गई थी, जिसके बाद इसे लेकर याचिका दायर की गई। याचिकाकर्ता का कहना है कि यह बदलाव यूजर्स की प्राइवेसी के अधिकार का उल्लंघन कर सकता है।
कपिल सिब्बल ने दी नीति की कानूनी व्याख्या
वरिष्ठ अधिवक्ता Kapil Sibal ने अदालत में कहा कि कंपनी पूरी तरह कानून के दायरे में काम कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल गैरकानूनी गतिविधियों की रोकथाम या आपराधिक मामलों की जांच के तहत ही सरकार को डेटा उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी तरह की निजी जानकारी सार्वजनिक या तीसरे पक्ष को साझा नहीं की जाएगी।
डेटा प्रोटेक्शन बोर्ड पर उठे सवाल
सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन अधिनियम के तहत बनाए गए डेटा प्रोटेक्शन बोर्ड ऑफ इंडिया में अभी तक नियुक्तियां नहीं हुई हैं। इसी वजह से शिकायत सीधे अदालत में दायर करनी पड़ी।
कोर्ट का रुख और आगे की प्रक्रिया
अदालत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए Meta Platforms से छह सप्ताह के भीतर विस्तृत लिखित जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। अब इस मामले की अगली सुनवाई में कंपनी की नीति और स्पष्ट हो सकती है।
