7 जगहों पर हाईवे जाम, एबी रोड पर असर
कांग्रेस ने रणनीति के तहत पूरे हाईवे पर अलग-अलग पॉइंट्स पर प्रदर्शन तय किया है। इंदौर–आगरा–मुंबई मार्ग यानी एबी रोड पर इसका व्यापक असर देखने को मिल रहा है। पार्टी का दावा है कि बड़ी संख्या में किसान और कार्यकर्ता इस आंदोलन में शामिल हो रहे हैं। कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, किसानों को सरकार की नीतियों और गेहूं खरीदी व्यवस्था से भारी नुकसान हो रहा है, जिसके विरोध में यह कदम उठाया गया है।
किसानों की भागीदारी, गांवों में पीले चावल बांटकर अपील
आंदोलन को सफल बनाने के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ग्रामीण इलाकों में भी अभियान चलाया है। कई जगहों पर किसानों को पीले चावल बांटकर प्रदर्शन में शामिल होने का आमंत्रण दिया गया। मनावर क्षेत्र के 15 से अधिक गांवों में यह अभियान चलाया गया। कांग्रेस का दावा है कि किसानों में सरकार के प्रति नाराजगी और आक्रोश दोनों हैं, और वे खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
पुलिस अलर्ट, भारी ट्रैफिक डायवर्जन लागू
प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने व्यापक ट्रैफिक प्लान लागू किया है। राष्ट्रीय राजमार्ग-52 पर यातायात को नियंत्रित करने के लिए कई वैकल्पिक रूट तय किए गए हैं।
चार पहिया वाहनों को राऊ सर्कल, पीथमपुर, भंवरकुआ और विशालत चौराहा से डायवर्ट किया गया है भारी वाहनों के लिए उज्जैन, बदनावर, लेबड़ और महेश्वर–कसरावद मार्ग सुझाए गए हैं प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जाम वाले क्षेत्रों से बचें और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें।
कांग्रेस का आरोप: खरीदी व्यवस्था पूरी तरह विफल
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने सरकार की गेहूं खरीदी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि बार-बार स्लॉट बुकिंग और तारीख बढ़ाने से सिस्टम की कमजोरी सामने आ गई है।
कांग्रेस के अनुसार, शुरुआती दिनों में अपेक्षित खरीदी नहीं हो पाई, जिससे किसानों को भुगतान और प्रक्रिया में लगातार परेशानी हो रही है।
11 जिलों में असर, राजनीतिक तापमान बढ़ा
कांग्रेस के इस चक्काजाम आंदोलन से करीब 11 जिलों में यातायात और जनजीवन प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। पार्टी इसे किसानों के अधिकारों की लड़ाई बता रही है, जबकि प्रशासन इसे कानून-व्यवस्था और यातायात प्रबंधन की चुनौती मानकर तैयारियों में जुटा है।
