मौसम विभाग ने प्रदेश में अगले 48 घंटे के दौरान भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। प्रदेश में अब तक 741.2 मिमी यानी 29.2 इंच बारिश हो चुकी है, जो सीजन के कोटे की करीब 78% है।
पूर्वी हिस्से में तेज बारिश, अगले दो दिन सिस्टम का असर
गुरुवार को ट्रफ और स्पष्ट निम्न दबाव का क्षेत्र सक्रिय रहा। इसके प्रभाव से प्रदेश के पूर्वी हिस्से में कई स्थानों पर तेज बारिश हुई। मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक अगले दो दिनों तक भोपाल, उज्जैन, सागर, नर्मदापुरम, ग्वालियर और चंबल संभाग में भारी से अति भारी बारिश हो सकती है। मौसम सिस्टम का असर 4 और 5 सितंबर को ज्यादा रहने का अनुमान है। इसके बाद 6 और 7 सितंबर को भी ग्वालियर-चंबल संभाग में तेज बारिश हो सकती है।
इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने शिवपुरी, गुना, राजगढ़, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह और नर्मदापुरम में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, श्योपुर, भिंड, दतिया, पन्ना, सतना, रीवा, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, छिंदवाड़ा, बैतूल, सीहोर, शाजापुर, देवास, आगर-मालवा और मंदसौर में भारी बारिश की चेतावनी है।
इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, नीमच, रतलाम, हरदा, मुरैना, जबलपुर, कटनी, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने का अनुमान है।
चित्रकूट में मंदाकिनी खतरे के निशान के ऊपर
गुरुवार को चित्रकूट में मंदाकिनी का जलस्तर 138.52 मीटर तक पहुंच गया और यह खतरे के निशान के करीब रहा। SDERF ने करीब 100 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। छतरपुर में बारिश और बाढ़ के खतरे को देखते हुए सभी स्कूलों में छुट्टी कर दी गई। लवकुशनगर की गुढ़ाकला ग्राम पंचायत में मूसलाधार बारिश के दौरान एक कच्चा मकान ढह गया।
मैहर में पुल डूबे, मंडला में नर्मदा उफान पर
मैहर में पुलों के ऊपर से पानी बहने के कारण मुकुंदपुर रोड बंद रहा। मंडला में नर्मदा का जलस्तर 436.1 मीटर पहुंच गया। जबलपुर में बरगी बांध का जलभराव 93.33% होने के बाद पांच गेट करीब एक मीटर तक खोले गए हैं। इससे नर्मदा के घाटों पर जलस्तर करीब 4 फीट तक बढ़ने की संभावना जताई गई है।
सीजन में अब तक 29.2 इंच बारिश
मध्य प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक 741.2 मिमी यानी 29.2 इंच बारिश दर्ज की गई है। सामान्य तौर पर इस अवधि में 31.8 इंच यानी 808.2 मिमी बारिश होनी चाहिए थी। इस लिहाज से प्रदेश में अब तक 2.6 इंच कम और ओवरऑल 8% कम बारिश हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से करीब 1% कम, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 17% कम बारिश दर्ज की गई है।
34 जिलों में 1% से 23% तक कम बारिश
पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में इस सीजन में अब तक करीब 1% तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, डिंडौरी, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, रीवा, सागर, सिवनी और टीकमगढ़ समेत कई जिलों में सामान्य से 1% से 23% तक कम बारिश दर्ज की गई है।
हालांकि पिछले एक सप्ताह से पूर्वी हिस्से के कई जिलों में लगातार बारिश के कारण बाढ़ के हालात बने हुए हैं। इसके चलते सीजन में पहली बार आंकड़ों के लिहाज से पूर्वी हिस्सा बेहतर स्थिति में आया है।
पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 6% से 54% तक कम बारिश हुई है।
21 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
मौसम विभाग के मुताबिक अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मंडला, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़ और शिवपुरी में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।
