जानकारी के अनुसार यह मामला जिला अस्पताल खरगोन में डिलीवरी के दौरान सामने आया था, जब प्रसूता के ऑपरेशन के बाद उसके पेट में सर्जिकल नैपकिन रह जाने की बात उजागर हुई। इस घटना के बाद मरीज की हालत को लेकर चिंता बढ़ गई और पूरे मामले की जांच शुरू की गई।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी दौलत सिंह चौहान ने बताया कि आयुक्त, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. मोहित गुप्ता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही क्षेत्रीय संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं इंदौर संभाग द्वारा नर्सिंग ऑफिसर दिव्या वर्मा को भी निलंबित किया गया है।
अधिकारियों के अनुसार यह मामला चिकित्सा प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही का संकेत देता है, जहां ऑपरेशन के दौरान मानक सावधानियों का पालन नहीं किया गया। ऐसी घटनाएं न केवल मरीज की सुरक्षा को खतरे में डालती हैं बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाती हैं।
प्रशासन ने कहा है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और यदि आगे किसी अन्य कर्मचारी की भूमिका सामने आती है तो उस पर भी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अस्पतालों में सर्जिकल प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा मानकों को और सख्त करने के निर्देश दिए गए हैं। यह घटना स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही को लेकर एक गंभीर चेतावनी के रूप में देखी जा रही है, जिससे भविष्य में ऐसी गलतियों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की जरूरत और अधिक बढ़ गई है।
