सामूहिक प्रार्थना और बड़ी भागीदारी
इस कार्यक्रम में जिले भर से बड़ी संख्या में संविदा कर्मचारी शामिल हुए। वातावरण में भक्ति और मांगों को लेकर गंभीरता—दोनों का मिश्रण देखने को मिला। कर्मचारियों ने कहा कि उनका आंदोलन किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह उनके अधिकार, सम्मानजनक भविष्य और सेवा सुरक्षा की मांग को लेकर है।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
आंदोलनरत कर्मचारियों ने सरकार के सामने कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं:
नियमितीकरण का लाभ देना
एनपीएस और स्वास्थ्य बीमा लागू करना
हर साल 10% वेतन वृद्धि
महंगाई भत्ता (DA) देना
CHO के वेतन में PBI समायोजन
वेतन विसंगतियों का पुनः परीक्षण
समान कार्य के लिए समान वेतन
सेवा सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा
कर्मचारियों का कहना है कि वे वर्षों से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि सरकार सकारात्मक निर्णय लेकर स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े हजारों परिवारों को राहत देगी।
आंदोलन का शांतिपूर्ण स्वरूप
पूरे कार्यक्रम में कर्मचारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी। सुंदरकांड और यज्ञ के माध्यम से उन्होंने समाधान की दिशा में सकारात्मक माहौल बनाने की कोशिश की।
