कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ जिसके बाद मंत्री ने अधिकारियों से दूरदर्शी सोच और कर्मठता के साथ शहरों के समग्र विकास के लिए काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रशासन केवल नियमों से नहीं बल्कि व्यवहार और संवेदनशीलता से चलता है। जनसेवा को सर्वोपरि रखते हुए ही एक अधिकारी अपनी वास्तविक पहचान बना सकता है।
कैलाश विजयवर्गीय ने अधिकारियों को प्रेरित करते हुए कहा कि उन्हें हमेशा विद्यार्थी भाव के साथ सीखते रहना चाहिए। यही दृष्टिकोण उन्हें व्यक्तिगत और प्रशासनिक दोनों स्तर पर उत्कृष्ट बनाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि नगरीय निकायों को भी इसी दिशा में आगे बढ़ाना होगा ताकि शहर केवल प्रशासनिक इकाई न रहकर विकास के केंद्र बन सकें।
मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि अब शहरी विकास को केवल सड़क और जल आपूर्ति तक सीमित नहीं रखा जा सकता। शहरों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए रोजगार सृजन और राजस्व वृद्धि पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नवाचार अपनाएं और शहरों में नई संभावनाओं को तलाशें ताकि स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियां बढ़ सकें।
नगरीय निकायों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए भूमि मुद्रीकरण और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन पर भी जोर दिया गया। मंत्री ने कहा कि पारदर्शिता और जनभागीदारी के साथ किए गए कार्यों में जनता का विश्वास बढ़ता है और ऐसे में कर वृद्धि जैसे निर्णयों में भी सहयोग मिलता है। उन्होंने अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर कार्य करने की सलाह दी ताकि विकास कार्यों में गति लाई जा सके।
कार्यशाला में अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने इसके उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह प्रशिक्षण अधिकारियों को नई कार्ययोजना बनाने और शहरी विकास को सुव्यवस्थित करने में मदद करेगा। वहीं नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त संकेत भोंडवे ने कहा कि विभाग एक परिवार की तरह काम कर रहा है और इस कार्यशाला का उद्देश्य नागरिक संतुष्टि को केंद्र में रखकर कार्यप्रणाली को और बेहतर बनाना है।
दो दिवसीय इस कार्यशाला में प्रदेश के सभी नगर निगमों और नगरीय निकायों के अधिकारी शामिल हुए हैं जहां सुधार समीक्षा और संवाद के माध्यम से शहरों को आधुनिक और सुविधायुक्त बनाने की दिशा में ठोस रणनीति तैयार की जाएगी। यह पहल प्रदेश के शहरी विकास को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
