मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि मन की बात आज देशवासियों के दिलों में अपनी खास जगह बना चुका है और यह सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं बल्कि करोड़ों लोगों को जोड़ने वाला एक सशक्त माध्यम बन गया है। उन्होंने कहा कि इसके जरिए समाज के प्रेरक कार्यों नवाचारों और सकारात्मक प्रयासों को सामने लाया जाता है जिससे लोगों को नई दिशा और प्रेरणा मिलती है।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को संबोधित करते हुए 2027 में होने वाली डिजिटल जनगणना को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने इसे दुनिया की सबसे बड़ी जनगणना बताते हुए कहा कि इस बार पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से की जाएगी। घर घर जाकर जानकारी एकत्र करने वाले कर्मचारियों के पास मोबाइल ऐप होगा जिसमें नागरिकों की जानकारी सीधे दर्ज की जाएगी।
प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि इस बार नागरिकों को खुद अपनी जानकारी दर्ज करने की सुविधा भी दी जा रही है। कर्मचारी के आने से लगभग 15 दिन पहले यह सुविधा शुरू होगी जिससे लोग अपने समय अनुसार जानकारी भर सकेंगे। इसके बाद उन्हें एक विशेष आईडी मिलेगी जिसे वे कर्मचारी के आने पर दिखाकर अपनी जानकारी की पुष्टि कर सकेंगे। इससे प्रक्रिया सरल होगी और समय की बचत भी होगी।
उन्होंने जानकारी दी कि जिन राज्यों में स्व गणना का कार्य पूरा हो चुका है वहां घरों के सूचीकरण का काम भी शुरू हो गया है और अब तक करीब 1 करोड़ 20 लाख परिवारों का मकान सूचीकरण किया जा चुका है। प्रधानमंत्री ने नागरिकों से अपील की कि वे इस प्रक्रिया में बढ़ चढ़कर भाग लें क्योंकि यह केवल सरकारी कार्य नहीं बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने उपस्थित युवाओं और आमजनों से आत्मीय संवाद भी किया। उन्होंने महिला सशक्तिकरण बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान और स्वरोजगार जैसे विषयों पर चर्चा की और बताया कि राज्य सरकार महिलाओं की शिक्षा सुरक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बच्चों से भी मुलाकात की और उनसे संवाद कर उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने बच्चों को शिक्षा के महत्व और बड़ों के सम्मान की सीख दी तथा उनके साथ समय बिताया।
कार्यक्रम के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मन की बात देश को सकारात्मक दिशा देने का एक अनूठा प्रयास है। उन्होंने यह भी बताया कि मध्यप्रदेश जल संरक्षण के क्षेत्र में अग्रणी बन रहा है और जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत पुराने जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने का कार्य किया जा रहा है।
कुल मिलाकर भोपाल में आयोजित यह कार्यक्रम सिर्फ एक रेडियो प्रसारण नहीं बल्कि जनसंवाद और जनभागीदारी का उदाहरण बनकर सामने आया जिसमें सरकार और जनता के बीच संवाद को मजबूत करने की झलक देखने को मिली।
