मां की आंखों के सामने तड़पता रहा बेटा
मृतक की मां संतोष बाई ने जो मंजर बताया, वह दिल को झकझोर देने वाला है। उन्होंने कहा, “जैसे ही खबर मिली कि बेटे को मार रहे हैं, मैं दौड़कर मौके पर पहुंची। वह खून से लथपथ पड़ा था। मैंने उसे गोद में लिया और पल्लू से चेहरा साफ करने लगी।”
तड़पते हुए रामबाबू ने आखिरी सांसों में कहा- “मां, मुझे विशाल और हुकुम ने गोली मारी… फिर पत्थरों से मारा…” और इतना कहते ही उसकी आंखें हमेशा के लिए बंद हो गईं।
सुनसान रास्ते पर रची गई साजिश
घटना सोमवार (13 अप्रैल) रात करीब 10 बजे की है। रामबाबू गांव लौट रहे थे, तभी गांव से करीब 300 मीटर पहले सुनसान रास्ते पर आरोपियों ने पत्थर रखकर उनकी बाइक रुकवाई। जैसे ही उन्होंने गाड़ी धीमी की, सीने में गोली मार दी। गिरने के बाद भी हमलावर नहीं रुके और पत्थरों से लगातार हमला करते रहे।
पोस्टमॉर्टम में खुलासा हुआ कि गोली सीने को चीरते हुए आर-पार निकल गई थी, जबकि पत्थर के वार से उनका जबड़ा टूट गया, कान फट गया और सिर व आंख में गंभीर चोटें आईं।
जमीन विवाद बना हत्या की वजह
परिजनों के मुताबिक, इस खौफनाक हत्या के पीछे पुराना जमीन विवाद था। मृतक के भाई दीपक ने बताया कि चचेरा भाई हुकुम अपनी जमीन बेचते समय उनके खेत से रास्ता चाहता था, जिसे परिवार ने मना कर दिया था। तभी से रंजिश चल रही थी और आरोपियों ने बदला लेने की धमकी भी दी थी।
शादी की खुशियां मातम में बदलीं
घर में खुशियों का माहौल था। 24 अप्रैल को छोटे भाई दीपक की शादी होने वाली थी। 19 अप्रैल को माता पूजन और 25 को रिसेप्शन तय था। रामबाबू खुद शादी के कार्ड बांट रहे थे। लेकिन एक ही रात में खुशियां मातम में बदल गईं।
रामबाबू की पत्नी गर्भवती है और उनकी डेढ़ साल की बेटी भी है। इस घटना ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है।
मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरा अब भी फरार है। Madhya Pradesh Police आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
गांव में दहशत, लोगों में गुस्सा
घटना के बाद गांव में सन्नाटा और दहशत का माहौल है। लोग खुलकर कुछ कहने से बच रहे हैं, लेकिन अंदर गुस्सा साफ झलक रहा है। घटनास्थल पर खून से सने पत्थर और बिखरे शादी के कार्ड इस दर्दनाक घटना की गवाही दे रहे हैं।
