भोपाल । लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक ऑडियो संदेश जारी कर बीते एक महीने के अपने कार्यक्रमों और लोगों से मुलाकातों का ब्योरा साझा किया है। इस संदेश में उन्होंने मध्य प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग यानी ओबीसी आरक्षण को पूरी तरह लागू करने की मांग के साथ आदिवासी परिवारों की परेशानियों और छात्रों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। राहुल गांधी ने इंदौर में आयोजित छात्रों की गूंज कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए शिक्षा व्यवस्था और छात्रावासों की स्थिति पर सवाल उठाए। उन्होंने केंद्र और राज्य की राजनीति से जुड़े कई मुद्दों पर अपनी बात रखते हुए आरोप लगाया कि देश की संस्थाओं पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है।
राहुल गांधी ने छात्रों के बीच अपनी बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि मौजूदा व्यवस्था में छात्रों की समस्याओं को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में एक समूह देश की संस्थाओं पर अपना प्रभाव बढ़ा रहा है। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि सिस्टम को अंधभक्त चाहिए छात्र नहीं। राहुल ने इंदौर में छात्रों के साथ शिक्षा बजट में कटौती और छात्रावासों की कमी जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की बात भी कही।
उनके मुताबिक छात्रों ने परीक्षा में कथित अनियमितताओं और बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर अपनी चिंताएं साझा कीं। उन्होंने सत्य निकेतन की त्रासदी का भी उल्लेख किया और कहा कि शिक्षा से जुड़े सवालों को गंभीरता से समझने की जरूरत है। राहुल गांधी ने महाराष्ट्र के नासिक में भूख हड़ताल कर रहे आदिवासी छात्रों से मुलाकात का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि छात्रावासों के नियमों और परिस्थितियों को लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखा गया था। राहुल के अनुसार इसके बाद हॉस्टल में रहने की आयु सीमा वापस ले ली गई। उन्होंने महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग की परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों को समर्थन देने की बात भी कही।
मध्य प्रदेश के संदर्भ में राहुल गांधी ने इंदौर के कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण पूरी तरह लागू करने की मांग किए जाने की जानकारी दी। यह मुद्दा प्रदेश में लंबे समय से राजनीतिक और कानूनी चर्चा का विषय बना हुआ है। राहुल गांधी ने कहा कि पिछड़े वर्गों को उनका अधिकार मिलना चाहिए। हालांकि आरक्षण के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति संबंधित कानूनी प्रक्रियाओं और सरकारी फैसलों पर निर्भर करती है।
राहुल गांधी ने बालाघाट में उन आदिवासी परिवारों से मुलाकात का भी उल्लेख किया जिन्होंने कुपोषण और बीमारी के कारण अपने बच्चों को खोया था। उन्होंने इस मुलाकात को बेहद भावुक बताते हुए कहा कि कुछ दुख ऐसे होते हैं जिनके सामने शब्द भी कम पड़ जाते हैं। उनके अनुसार उस दौरान उनका उद्देश्य परिवारों का दर्द सुनना और उनकी परिस्थितियों को समझना था। इस मुद्दे के जरिए उन्होंने आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य और पोषण से जुड़ी चुनौतियों की ओर ध्यान दिलाया।
अपने ऑडियो संदेश में राहुल गांधी ने दिल्ली की बेला एस्टेट झुग्गी बस्ती का दौरा करने का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के बाद वहां 729 में से 728 लोगों ने मतदान का अधिकार खो दिया। यह राहुल गांधी का दावा है। उन्होंने निष्पक्ष परीक्षाओं की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों की बातों का उल्लेख करते हुए पुलिस कार्रवाई और गोलीबारी से जुड़े आरोप भी सामने रखे।
राहुल गांधी ने वोट चोरी के आरोपों को संस्थाओं और संविधान से जोड़ते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। इसके अलावा उन्होंने 30 सितंबर को नई दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में इंडिया गठबंधन के नेताओं के साथ हुई बैठक का जिक्र किया। उनके अनुसार बैठक में मतदान के अधिकार की रक्षा के तरीकों पर चर्चा हुई। राहुल ने रायबरेली में विकास कार्यों की समीक्षा के लिए हुई दिशा बैठक और मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से मुलाकात का भी उल्लेख किया। महात्मा गांधी की जयंती पर राजघाट जाकर श्रद्धांजलि देने की बात के साथ उन्होंने संदेश समाप्त किया। उनके इस बयान के बाद मध्य प्रदेश में ओबीसी आरक्षण और छात्रों की समस्याओं को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है।
