जानकारी के अनुसार प्रदीप सोनी रीवा के अनंतपुर क्षेत्र स्थित अपने घर में अकेले रह रहे थे। उनकी पत्नी वैशाली कुछ दिनों के लिए अपने मायके उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में गई हुई थीं। रविवार को जब लंबे समय तक प्रदीप का मोबाइल फोन बंद मिला और उनसे संपर्क नहीं हो पाया, तो परिजनों को चिंता हुई। परिवार के सदस्य उनके घर पहुंचे, लेकिन दरवाजा नहीं खुलने पर अंदर प्रवेश किया गया। वहां प्रदीप मृत अवस्था में मिले।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और चिकित्सकीय टीम मौके पर पहुंची। प्रारंभिक जांच में चिकित्सकों ने कार्डियक अरेस्ट की आशंका जताई है। हालांकि मृत्यु के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।
परिजनों के अनुसार प्रदीप और वैशाली का विवाह वर्ष 2021 में हुआ था। दोनों के बीच गहरा भावनात्मक जुड़ाव था और परिवार के लोग उन्हें एक-दूसरे के प्रति बेहद समर्पित बताते हैं। प्रदीप के पिता परमानंद सोनी ने बताया कि परिवार के लिए यह घटना बेहद दुखद है। उन्होंने कहा कि बेटे की अचानक हुई मृत्यु ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया।
इधर उत्तराखंड में मौजूद वैशाली को पति के निधन की सूचना मिली तो वह गहरे सदमे में चली गईं। परिजनों के अनुसार सूचना मिलने के कुछ समय बाद वह घर से निकल गईं। बाद में उनका शव जाजरदेवल थाना क्षेत्र के एक जलाशय के पास मिला। मौके से उनका मोबाइल फोन और अन्य निजी सामान भी बरामद हुआ। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दोनों घटनाओं के बाद सोनी परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। एक ही दिन में बेटे और बहू को खो देने से परिवार के सदस्य गहरे सदमे में हैं। रिश्तेदारों और परिचितों का लगातार घर पहुंचना जारी है और पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।
मामले को लेकर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल जांच में किसी प्रकार की आपराधिक आशंका सामने नहीं आई है। दोनों राज्यों की पुलिस अपने-अपने स्तर पर घटनाओं की जांच कर रही है और सभी तथ्यों को ध्यान में रखकर कार्रवाई की जा रही है।
इस घटना के साथ ही युवाओं में बढ़ते हृदय संबंधी जोखिमों पर भी चर्चा शुरू हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि बदलती जीवनशैली, तनाव, अनियमित दिनचर्या और स्वास्थ्य संबंधी अन्य कारक हृदय रोगों के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। चिकित्सकों का सुझाव है कि नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित आहार और सक्रिय जीवनशैली अपनाकर ऐसे जोखिमों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
फिलहाल यह घटना एक ऐसे परिवार की त्रासदी बनकर सामने आई है, जिसने कुछ ही घंटों के अंतराल में अपने दो प्रिय सदस्यों को खो दिया। पूरे घटनाक्रम ने लोगों को भावनात्मक रूप से झकझोर दिया है और हर किसी की संवेदनाएं शोकग्रस्त परिवार के साथ हैं।
