प्रशासन की टीम सबसे पहले ग्राम भैंसा पहुंची, जहां खसरा नंबर 138 पर ANA बिल्डर द्वारा अवैध कॉलोनी विकसित किए जाने की जानकारी सामने आई थी। कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद निर्माण कार्यों को बिना किसी देरी के तोड़ दिया गया। इस परियोजना से जुड़े पार्टनर सिमरजीत सिंह, आशु और अमरदीप के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।
इसके बाद टीम ने ग्राम पगारा में कार्रवाई को आगे बढ़ाया, जहां खसरा नंबर 831 पर लाल जैन द्वारा अवैध कॉलोनी विकसित की जा रही थी। यहां भी प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से निर्माण कार्य रुकवाते हुए बाउंड्रीवॉल और अन्य संरचनाओं को जेसीबी से गिरा दिया।
प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इन जमीनों पर अब किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं किया जा सकेगा और आगे की प्लॉटिंग या विकास गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। कार्रवाई के दौरान मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा ताकि किसी भी तरह की बाधा उत्पन्न न हो सके।
इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अमन मिश्रा ने किया। उनके साथ तहसीलदार राहुल गौंड, नितिन यादव, संजय जैन, निरंजन कुर्मी, आशुतोष गौतम और पटवारी उमाशंकर पांडे सहित कैंट थाना पुलिस बल मौजूद रहा।
प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध कॉलोनी काटने वाले बिल्डर्स में हड़कंप की स्थिति देखी जा रही है। अधिकारियों ने साफ संकेत दिए हैं कि जिले में अवैध प्लॉटिंग और नियम विरुद्ध निर्माण के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
स्थानीय प्रशासन का कहना है कि बिना अनुमति और विकास प्राधिकरण की स्वीकृति के किसी भी प्रकार की कॉलोनी विकसित करना पूरी तरह अवैध है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
