सतना । मध्य प्रदेश के सतना जिले में गरबा प्रैक्टिस करके घर लौट रही एक युवती के साथ छेड़छाड़ और जबरदस्ती करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक युवक ने युवती का रास्ता रोककर उस पर शादी करने का दबाव बनाया। युवती ने जब इसका विरोध किया तो आरोपी ने उसका मुंह दबाने की कोशिश की और मोबाइल छीनकर जमीन पर पटक दिया। घटना के बाद आरोपी धमकी देते हुए मौके से फरार हो गया। पीड़िता की शिकायत पर सिटी कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक घटना 2 अक्टूबर की रात करीब 8:30 बजे की है। युवती धवारी स्थित रंगभूमि पैलेस में गरबा प्रैक्टिस करने गई थी। अभ्यास खत्म होने के बाद वह पैदल अपने घर लौट रही थी। इसी दौरान व्यंकट क्रमांक-1 स्कूल के पास ध्रुव पटारिया स्कूटी से वहां पहुंचा और युवती का रास्ता रोक लिया। आरोप है कि युवक ने युवती का हाथ पकड़कर उसके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की और शादी करने के लिए दबाव बनाने लगा। युवती ने जब इसका विरोध किया तो आरोपी ने उसका मुंह दबाने का प्रयास किया। इस दौरान उसने युवती का मोबाइल भी छीन लिया और जमीन पर पटक दिया जिससे मोबाइल टूट गया।
घटना के दौरान आसपास के लोगों के पहुंचने पर आरोपी वहां से भाग निकला। जाने से पहले उसने युवती को धमकी भी दी। इसके बाद पीड़िता ने पुलिस के पास पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर सिटी कोतवाली पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की पहचान और उसके ठिकाने की जानकारी जुटाई। इसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।
सिटी कोतवाली थाना प्रभारी हेमंत शर्मा के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी की पहचान ध्रुव पटारिया उम्र 22 वर्ष पिता राकेश पटारिया निवासी कंपनी बाग थाना सिटी कोतवाली सतना के रूप में हुई है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले में शिकायत के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
पुलिस के अनुसार आरोपी आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ शहर के अलग-अलग थानों में पहले से कई गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। हालांकि इन मामलों का विस्तृत ब्योरा सार्वजनिक जानकारी में नहीं दिया गया है। इस कार्रवाई में महिला प्रधान आरक्षक नीरा बागरी प्रधान आरक्षक मनोज सिंह बघेल आरक्षक धीरेन्द्र पटेल बलराम चौधरी और शिव कुमार तिवारी की भूमिका रही।
घटना ने महिलाओं की सुरक्षा और सार्वजनिक स्थानों पर उनकी आवाजाही से जुड़े सवालों को फिर चर्चा में ला दिया है। गरबा जैसे सांस्कृतिक आयोजनों से लौटते समय भी सुरक्षा का भरोसा बनाए रखना जरूरी है। ऐसे मामलों में पीड़ित की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई और निष्पक्ष जांच महत्वपूर्ण होती है। फिलहाल आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस मामले की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है।
