ग्रामीणों ने दिखाई तत्परता, समिति को दी सूचना
घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने बिना देर किए सनातनी गो सेवा समिति को जानकारी दी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए समिति के सदस्य तुरंत सक्रिय हो गए और राहत एवं बचाव कार्य के लिए टीम मौके पर पहुंची। इस दौरान गांव के कई लोग भी सहायता के लिए घटनास्थल पर एकत्र हो गए।
रेस्क्यू ऑपरेशन में रस्सियों का सहारा, कुएं में उतरा स्वयंसेवक
बचाव कार्य के दौरान सबसे बड़ी चुनौती गाय को सुरक्षित बाहर निकालने की थी। इसके लिए रस्सियों की मदद से एक साहसी स्वयंसेवक को कुएं में उतारा गया। समिति के सदस्यों ऋषि भारती, निखिल बैरागी, अमित यादव, कान्हा परिहार और गोलू क्षारी सहित अन्य ग्रामीणों ने मिलकर समन्वय के साथ रेस्क्यू अभियान चलाया। कुएं में उतरे सदस्य ने बड़ी सावधानी से गाय को रस्सियों से बांधा, जिसके बाद सभी ने मिलकर उसे धीरे-धीरे ऊपर खींचा।
सफलता के बाद राहत की सांस, गाय सुरक्षित बाहर निकली
कड़ी मशक्कत और कुछ समय तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद गाय को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। राहत की सबसे बड़ी बात यह रही कि जांच के दौरान गाय पूरी तरह स्वस्थ पाई गई और उसे कोई गंभीर चोट नहीं आई। इस सफल बचाव अभियान के बाद ग्रामीणों और समिति सदस्यों ने राहत की सांस ली।
ग्रामीण एकता और सेवा भावना की मिसाल
यह घटना एक बार फिर इस बात का उदाहरण बनी कि आपात स्थिति में ग्रामीण एकजुट होकर बड़ी से बड़ी मुश्किल को भी हल कर सकते हैं। गो सेवा समिति और स्थानीय ग्रामीणों की तत्परता ने न केवल एक बेजुबान जानवर की जान बचाई, बल्कि मानवता और सेवा भाव की मिसाल भी पेश की।
