शिवपुरी । शिवपुरी जिले के पोहरी थाना क्षेत्र के ककरा गांव में बुधवार शाम कुत्ते के हमले की घटना सामने आई है। घर के बाहर खेल रही सात साल की बच्ची अवनी आदिवासी पर एक कुत्ते ने अचानक हमला कर दिया। हमले में बच्ची के चेहरे और मुंह पर गंभीर चोटें आईं। उसकी चीख सुनकर नानी मौके पर पहुंचीं और उसे कुत्ते से बचाया। इसके बाद परिजन घायल बच्ची को तुरंत जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने उसके मुंह पर आठ टांके लगाए हैं। फिलहाल बच्ची अस्पताल में भर्ती है और उसका इलाज चल रहा है।
जानकारी के मुताबिक अवनी के पिता राम अवतार आदिवासी और मां बुधवार को मजदूरी करने के लिए शिवपुरी गए हुए थे। बच्ची घर पर अपनी नानी के साथ थी। शाम के समय अवनी घर के बाहर खेल रही थी। इसी दौरान गांव के एक कुत्ते ने उस पर अचानक हमला कर दिया। हमला इतना गंभीर था कि बच्ची के चेहरे और मुंह पर चोटें आ गईं। अचानक हुए हमले से बच्ची घबरा गई और जोर-जोर से चीखने लगी।
बच्ची की आवाज सुनकर उसकी नानी तुरंत मौके पर पहुंचीं। उन्होंने अवनी को कुत्ते से बचाया और परिजनों की मदद से उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाने की व्यवस्था की। घायल बच्ची को जिला अस्पताल पहुंचाया गया जहां डॉक्टरों ने उसकी चोटों का उपचार किया। मुंह पर गंभीर घाव होने के कारण आठ टांके लगाए गए। घटना के बाद परिवार के लोग बच्ची की हालत को लेकर चिंतित हैं। फिलहाल अस्पताल में उसका इलाज जारी है।
ग्रामीण इलाकों में बच्चे अक्सर घरों के आसपास खेलते हैं। ऐसे में कुत्तों के अचानक हमले की घटनाएं परिवारों के लिए चिंता का कारण बन सकती हैं। इस मामले में बच्ची के माता-पिता मजदूरी के लिए बाहर गए हुए थे और वह अपनी नानी के साथ घर पर थी। यदि नानी समय पर मौके पर नहीं पहुंचतीं तो बच्ची को और गंभीर चोटें लग सकती थीं। हालांकि हमले की परिस्थितियों और कुत्ते के व्यवहार से जुड़ी अन्य जानकारी सामने आना बाकी है।
कुत्ते के काटने या चेहरे पर हमला करने की स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेना जरूरी होता है। घाव को साफ पानी और साबुन से अच्छी तरह धोना चाहिए और डॉक्टर की सलाह के अनुसार रेबीज से बचाव के टीके तथा अन्य जरूरी उपचार कराना चाहिए। गंभीर घावों में देरी किए बिना अस्पताल पहुंचना महत्वपूर्ण है। अवनी के मामले में परिजन उसे तुरंत जिला अस्पताल लेकर पहुंचे जहां उसका उपचार शुरू किया गया।
फिलहाल सात साल की अवनी आदिवासी जिला अस्पताल में भर्ती है। इस घटना ने गांव में बच्चों की सुरक्षा और कुत्तों के हमलों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। बच्ची के स्वास्थ्य में सुधार और आगे के उपचार को लेकर परिवार की नजर डॉक्टरों की निगरानी पर है।
