शिवराज सिंह चौहान रविवार को कोसमी गांव पहुंचे थे। वहां उन्होंने आदिवासी परिवारों के घर तोड़े जाने की कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति जताई और इसे जुल्म की पराकाष्ठा बताया। उन्होंने कहा था कि इन्हीं लोगों के वोटों से डॉ. मोहन यादव मुख्यमंत्री बने हैं। उनके इस बयान के बाद मामले को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई।
सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में डॉ. मोहन यादव ने इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सरकार पूरी तरह संवेदनशील है और यदि पार्टी के किसी वरिष्ठ नेता ने कोई बात उठाई है, तो उसकी जांच कराने में कोई हर्ज नहीं है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, अधिकारियों से घटना की रिपोर्ट तलब की गई है। उन्होंने निष्पक्ष जांच के जरिए पूरे मामले की स्थिति सामने आने की बात कही। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में जांच के निष्कर्ष या घर तोड़े जाने की कार्रवाई के पीछे के कारणों का विवरण नहीं दिया गया है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में कार्यकाल की सराहना करते हुए मध्य प्रदेश में पिछले करीब 12 वर्षों के विकास कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने रोजगार, निवेश, नदी जोड़ो परियोजनाओं, मेट्रो विस्तार, ऊर्जा उत्पादन और धार्मिक पर्यटन से जुड़े कार्यों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री की कार्यशैली का जिक्र करते हुए कहा कि उनका मूल मंत्र असंभव दिखाई देने वाले कार्यों को भी संकल्प के साथ पूरा करना है।
राहुल गांधी के हालिया वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक तरफ उनकी बहन योजनाओं और काम की बात करती हैं, जबकि राहुल गांधी तांडव की बात करते हैं। उन्होंने भगवान शिव के तांडव को सृजन और विसर्जन से जुड़ा बताते हुए इसे अराजकता से अलग रखने की बात कही। साथ ही उन्होंने कांग्रेस नेताओं को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का उदाहरण देते हुए लोकतांत्रिक परंपराओं और मर्यादाओं का पालन करने की सलाह दी।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजनीतिक सफर का उल्लेख करते हुए कहा कि वह जितनी बार विधायक बने, उतनी बार मुख्यमंत्री रहे और जितनी बार सांसद बने, उतनी ही बार प्रधानमंत्री बने। उन्होंने 2014 और 2019 में भाजपा को मिले पूर्ण बहुमत का भी जिक्र किया। इसके अलावा गरीब कल्याण योजनाओं, मुफ्त राशन, आयुष्मान भारत, आवास योजना, उज्ज्वला योजना, पीएम स्वनिधि और जल जीवन मिशन जैसी पहलों की जानकारी दी।
डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रीय सुरक्षा, सांस्कृतिक स्थलों के विकास और अंतरिक्ष कार्यक्रमों का भी उल्लेख किया। उन्होंने धारा 370 हटाने, सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र किया। अयोध्या के राम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम और उज्जैन के श्री महाकाल लोक के विकास के साथ चंद्रयान मिशन को भी उपलब्धियों में शामिल किया।
मध्य प्रदेश के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने केन-बेतवा, पार्वती-कालीसिंध-चंबल और ताप्ती नदी जोड़ो परियोजनाओं, गांधी सागर की 2,000 मेगावाट क्षमता वाली पंप स्टोरेज परियोजना, कूनो में चीता संरक्षण और भोपाल-इंदौर मेट्रो का उल्लेख किया। उन्होंने महिला सशक्तीकरण और रोजगार के बारे में बताते हुए कहा कि प्रदेश में 65 लाख से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं। उनके अनुसार, 85 हजार सरकारी पदों पर भर्तियां हो चुकी हैं और एक लाख नए पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत और आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश के लक्ष्य के अनुरूप दीर्घकालिक योजनाओं पर काम करने की बात भी कही।
