पुलिस रिमांड पर पूछताछ, गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश
दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर सात दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस उनसे लगातार पूछताछ कर रही है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों और डकैती की पूरी साजिश का खुलासा किया जा सके।
अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ से कई अहम सुराग मिल सकते हैं, जो पूरे नेटवर्क को उजागर करने में मदद करेंगे।
जेल में बंद मास्टरमाइंड ने रची थी पूरी साजिश
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस हाई-प्रोफाइल डकैती का मास्टरमाइंड सुबोध सिंह है, जो फिलहाल पटना की बेऊर जेल में बंद है। बताया जा रहा है कि उसने ओडिशा की कुचिंडा जेल में बंद अपने सहयोगी पीयूष जायसवाल के जरिए इस वारदात की योजना बनाई और उसे अंजाम तक पहुंचाया।
गिरफ्तार आरोपी लूटे गए माल को ठिकाने लगाने और नेटवर्क को सपोर्ट करने में भूमिका निभा रहे थे।
पहले से कई आरोपी गिरफ्तार, अंतरराज्यीय गैंग का खुलासा
इस मामले में पहले ही फंटूस, कमलेश, पंकज, राजेश और छोटू सहित कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच में यह साफ हो गया है कि यह एक संगठित अंतरराज्यीय आपराधिक गिरोह है, जो कई राज्यों में सक्रिय था। पुलिस अब गिरोह के वित्तीय नेटवर्क और फरार आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।
लूटे गए माल की बरामदगी पर अभी भी सस्पेंस
पुलिस अधीक्षक मनीष खत्री ने बताया कि दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है। हालांकि, डकैती में लूटे गए सोने और नकदी की बरामदगी को लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
बैंक में हुई थी करोड़ों की डकैती, पूरे क्षेत्र में मचा था हड़कंप
गौरतलब है कि 17 अप्रैल को दिनदहाड़े बैंक ऑफ महाराष्ट्र में हथियारबंद बदमाशों ने फायरिंग कर करीब 9-10 किलो सोना और लगभग 20 लाख रुपये नकद लूट लिए थे। इस वारदात की कुल कीमत करीब 15 करोड़ रुपये आंकी गई थी, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया था।
