दमोह। मादक पदार्थों की अवैध तस्करी के खिलाफ न्यायालय ने सख्त रुख अपनाते हुए एक अहम फैसले में आरोपी को कठोर सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट श्री अमर गोयल के न्यायालय ने अवैध गांजा रखने और विक्रय की तैयारी में पाए गए आरोपी प्रहलाद पटेल, निवासी ग्राम भियाना, जिला दमोह को दोषी ठहराते हुए 3 वर्ष के कठोर कारावास एवं 10,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। न्यायालय ने यह सजा एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी)(ii)(सी) के अंतर्गत सुनाई। यह फैसला न केवल मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त लोगों के लिए चेतावनी है, बल्कि समाज में युवाओं को नशे से बचाने के लिए भी एक मजबूत संदेश माना जा रहा है।
मुखबिर सूचना पर पुलिस ने की कार्रवाई
अभियोजन के अनुसार दिनांक 14 नवंबर 2021 को थाना नोहटा में पदस्थ सहायक उपनिरीक्षक एस.एस. दुबे को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम भियाना का प्रहलाद पटेल अपने साथियों नीलेश साहू एवं भगवत आदिवासी के साथ उड़ीसा से गांजा खरीदकर लाया है। सूचना में बताया गया कि आरोपी अलग-अलग बैगों में गांजा लेकर सारनाथ ट्रेन से कटनी पहुंचा और वहां से वाहन के माध्यम से दमोह आया, जहां से तीनों अलग-अलग क्षेत्रों में गांजा बेचने के लिए निकले हैं। मुखबिर ने यह भी बताया कि प्रहलाद पटेल ट्रॉली बैग में गांजा लेकर नोहटा पुल के पास किसी व्यक्ति को बेचने की फिराक में खड़ा है। सूचना को रोजनामचा में दर्ज कर वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया तथा आवश्यक पंचनामा तैयार कर पुलिस टीम मौके के लिए रवाना हुई।
घेराबंदी कर पकड़ा गया आरोपी
पुलिस टीम जब व्यारमा नदी पुल, नोहटा पहुंची तो बताए गए हुलिये का एक व्यक्ति ट्रॉली बैग के साथ संदिग्ध स्थिति में खड़ा मिला। पुलिस ने हमराही स्टाफ की मदद से घेराबंदी कर उसे पकड़ा। पूछताछ में उसने अपना नाम प्रहलाद पटेल निवासी ग्राम भियाना थाना बटियागढ़ जिला दमोह बताया। कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए आरोपी को तलाशी के अधिकारों से अवगत कराया गया तथा सहमति पंचनामा तैयार किया गया। इसके बाद आरोपी की तलाशी ली गई।
ट्रॉली बैग से बरामद हुआ 4 किलो 900 ग्राम गांजा
तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से एक ट्रॉली बैग मिला, जिसमें खाकी रंग के कागज में लिपटे करीब एक-एक किलो के पांच पैकेट बरामद हुए। पैकेट साड़ियों के टुकड़ों में लिपटे हुए थे। खोलकर देखने पर उनमें गांजा जैसा मादक पदार्थ पाया गया।
पदार्थ को समरस कर तौलने पर कुल 4 किलो 900 ग्राम नमीयुक्त गांजा पाया गया। आरोपी से उक्त मादक पदार्थ रखने का लाइसेंस मांगा गया, लेकिन वह कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने गांजा जब्त कर आवश्यक कार्रवाई की।
विवेचना के बाद न्यायालय में पेश हुआ मामला
मामले की संपूर्ण विवेचना के बाद आरोपी के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की धारा 8 एवं 20 के अंतर्गत अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। न्यायालय में अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य, गवाहों के बयान तथा तर्कों का परीक्षण करने के बाद आरोपी को दोषी पाया गया।
न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा कि मादक पदार्थों का अवैध कारोबार समाज के लिए गंभीर खतरा है और ऐसे मामलों में कठोर दंड आवश्यक है, ताकि समाज में नशे के प्रसार पर रोक लग सके।
नशे के खिलाफ कड़ा संदेश
इस निर्णय को नशे के कारोबार में लगे लोगों के लिए कड़ा संदेश माना जा रहा है। अवैध मादक पदार्थों का व्यापार युवाओं के भविष्य को प्रभावित करता है और अपराध को बढ़ावा देता है। न्यायालय का यह फैसला स्पष्ट करता है कि ऐसे मामलों में कानून सख्ती से कार्रवाई करेगा और दोषियों को दंडित किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि समाज, पुलिस और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से ही नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है। लोगों से भी अपील की जा रही है कि मादक पदार्थों से दूर रहें और ऐसी गतिविधियों की जानकारी पुलिस को दें।
अभियोजन पक्ष
मामले में अभियोजन की ओर से पैरवी सहायक निदेशक अभियोजन श्री धर्मेन्द्र सिंह तारन के नेतृत्व में विशेष लोक अभियोजक श्रीमती सविता बजाज द्वारा की गई।
संदेश:
नशा केवल व्यक्ति ही नहीं, पूरे समाज को नुकसान पहुंचाता है। अवैध मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल होना गंभीर अपराध है, जिसमें कठोर सजा का प्रावधान है। ऐसे में युवाओं को नशे से दूर रहने और कानून का पालन करने की आवश्यकता है, ताकि स्वस्थ और सुरक्षित समाज का निर्माण हो सके।
