मामले में 23 वर्षीय आरोपी मोबिन को पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और परिजनों से मिली जानकारी के आधार पर हिरासत में लिया। पुलिस के अनुसार, शुरुआती पूछताछ में उसके अपराध स्वीकार करने की बात सामने आई है। हालांकि, मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जांच और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर की जा रही है।
घटना 15 अक्टूबर की रात की है, जब बैरागढ़ इलाके में रहने वाली 12 वर्षीय बच्ची घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों ने उसकी तलाश की। अगले दिन, 16 अक्टूबर को बच्ची का शव कृष्णा कॉम्प्लेक्स के पीछे स्थित एक खंडहर में मिला। शव मिलने के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया और लोगों ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग शुरू कर दी।
प्रारंभिक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बच्ची के साथ यौन हिंसा और गला घोंटकर हत्या किए जाने की पुष्टि होने की बात सामने आई है। घटनास्थल से जुड़े विवरण के अनुसार, बच्ची के मुंह में कपड़ा ठूंसा हुआ था और उसके शरीर के निचले हिस्से पर कपड़े नहीं थे। उसके सामने के दो दांत भी टूटे हुए बताए गए हैं। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
शनिवार को विरोध प्रदर्शन के दौरान बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता भी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने आरोपी को फांसी देने, उसके मकान पर बुलडोजर चलाने और मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक अदालत में कराने की मांग की। कुछ लोगों ने आरोपी को पुलिस के हवाले करने के बजाय उन्हें सौंपने की मांग भी की। पुलिस ने भीड़ को थाने में प्रवेश करने से रोकने के लिए मुख्य गेट बंद कर दिए।
प्रदर्शन का असर भोपाल-सीहोर रोड पर भी पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर जाम लगा दिया, जिससे लगभग दो किलोमीटर तक वाहनों की कतार लग गई। इस दौरान यात्रियों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। थाने के सामने महिलाएं भी धरने पर बैठीं। पुलिस अधिकारियों ने लगातार लोगों को समझाने की कोशिश की और अतिरिक्त बल की मदद से स्थिति संभालने का प्रयास किया।
मामले में सहायक पुलिस आयुक्त रत्नेश तोमर ने बताया कि पुलिस ने हत्या और बहला-फुसलाकर ले जाने सहित गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न की पुष्टि हुई है। विस्तृत पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिलने के बाद मामले में जरूरत के अनुसार अतिरिक्त कानूनी धाराएं जोड़ी जाएंगी।
पुलिस के अनुसार, घटना के बाद से अधिकारी पीड़ित परिवार के संपर्क में हैं। प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया गया कि मामले में कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाएगी और आरोपी के खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
करीब तीन घंटे तक चले विरोध प्रदर्शन और चक्काजाम के बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए। इसके बाद परिजन बच्ची का शव अंतिम संस्कार के लिए घर ले गए। एहतियात के तौर पर इलाके में पुलिस बल तैनात रखा गया। घटना की जांच जारी है और विस्तृत पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई स्पष्ट होगी।
