घटना में बीमार हुए विद्यार्थी कक्षा छठवीं से नौवीं तक के हैं। जानकारी के अनुसार, हॉस्टल में खाना खाने के बाद बच्चों को उल्टी-दस्त की शिकायत होने लगी। उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें तत्काल जयप्रकाश (जेपी) अस्पताल ले जाया गया। यहां चिकित्सकों की टीम ने उपचार शुरू किया और सभी विद्यार्थियों को निगरानी में रखा गया।
घटना सामने आने के बाद हॉस्टल में बच्चों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और कैंटीन की व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। भोजन तैयार करने से लेकर उसे परोसने तक बरती जाने वाली सावधानियों को लेकर भी चिंता जताई जा रही है।
परिजनों ने प्रबंधन की सूचना व्यवस्था पर उठाए सवाल
बच्चों की तबीयत बिगड़ने की जानकारी मिलने के बाद परिजनों ने स्कूल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। उनका आरोप है कि प्रबंधन ने उन्हें घटना की सूचना समय पर नहीं दी। परिवारों को स्कूल के ग्रुप के माध्यम से मामले का पता चला, जिसके बाद वे अपने बच्चों की स्थिति जानने के लिए जेपी अस्पताल पहुंचे।
परिजनों के मुताबिक, उन्हें जानकारी मिली थी कि बच्चों को ऐसी सब्जी परोसी गई, जिसमें छिपकली मिली थी। इस मामले ने हॉस्टल में रहने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा और भोजन की नियमित जांच की व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रिंसिपल ने कैंटीन संचालक को थमाया नोटिस
श्रमोदय विद्यालय की प्रिंसिपल रत्ना दुबे ने बताया कि कैंटीन संचालक की गलती के कारण बच्चों को छिपकली वाली सब्जी परोसी गई। घटना में 13 विद्यार्थियों की तबीयत बिगड़ी थी, जिन्हें इलाज के लिए जेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्रिंसिपल ने अस्पताल पहुंचकर बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी भी ली।
रत्ना दुबे के अनुसार, फिलहाल सभी विद्यार्थी स्वस्थ हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए कैंटीन संचालक को नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, जेपी अस्पताल के ड्यूटी डॉक्टर रत्नेश जैन ने बताया कि उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद बच्चों को अस्पताल लाया गया था। चिकित्सकों ने तत्काल उपचार शुरू किया। फिलहाल सभी की हालत सामान्य है और उन्हें चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।
पुलिस जांच में जुटी, तथ्यों के आधार पर होगी कार्रवाई
मामले की जानकारी मिलने के बाद रातीबड़ थाना पुलिस ने भी जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी रामबाबू सिंह ने बताया कि परिजनों ने शिकायत की है कि बच्चों को छिपकली वाली सब्जी खिलाई गई। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर कैंटीन संचालक के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
हॉस्टल में हुई इस घटना ने विद्यार्थियों को परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता, रसोई की साफ-सफाई और खाना बांटने से पहले उसकी जांच की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अब यह देखना होगा कि स्कूल प्रबंधन और संबंधित जिम्मेदारों की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के क्या इंतजाम किए जाते हैं।
