शिवपुरी। जैव विविधता के वैज्ञानिक आकलन और पक्षी संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से माधव टाइगर रिजर्व में 12 से 14 जून 2026 तक प्रथम पक्षी सर्वेक्षण आयोजित किया जा रहा है। आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों और डिजिटल साधनों के माध्यम से किए जा रहे इस सर्वेक्षण को क्षेत्र के पक्षी संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
सर्वेक्षण का मुख्य उद्देश्य रिजर्व में पाई जाने वाली स्थानीय एवं प्रवासी पक्षी प्रजातियों की पहचान कर उनकी वर्तमान स्थिति का सटीक आकलन करना है। इसके साथ ही राष्ट्रीय उद्यान के उन प्रमुख क्षेत्रों को भी चिन्हित किया जाएगा, जहां पक्षियों की अधिक संख्या या दुर्लभ प्रजातियां पाई जाती हैं। ऐसे क्षेत्रों के संरक्षण एवं विशेष प्रबंधन के लिए भविष्य की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
इस अभियान में वन विभाग के मैदानी कर्मचारियों के क्षमतावर्धन पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्हें पक्षियों की पहचान, व्यवहार, आवास और संरक्षण से जुड़े विषयों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे भविष्य में संरक्षण गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
सर्वेक्षण में देश के सात राज्यों से आए 40 विषय विशेषज्ञ स्वयंसेवक तथा स्थानीय वन अमला संयुक्त रूप से भाग ले रहे हैं। पक्षियों की गणना और रिकॉर्डिंग का कार्य ई-बर्ड ऐप के माध्यम से किया जा रहा है, जिससे वास्तविक समय में डेटा संकलित हो रहा है और एक विश्वसनीय डेटाबेस तैयार करने में सहायता मिल रही है।
माधव टाइगर रिजर्व प्रबंधन का मानना है कि यह सर्वेक्षण क्षेत्र की पक्षी जैव-विविधता के संरक्षण, शोध और बेहतर प्रबंधन के लिए मजबूत आधार तैयार करेगा तथा भविष्य की संरक्षण योजनाओं को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
