नई दिल्ली : डॉ. बीआर आंबेडकर की 135वीं जयंती पर घाटकोपर में भव्य आयोजन, हजारों लोगों की भागीदारी से गूंजा पूरा मैदान घाटकोपर स्थित पुलिस ग्राउंड में डॉ. बीआर आंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर एक विशाल और भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें मुंबई के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। यह आयोजन सामाजिक एकता, सांस्कृतिक अभिव्यक्ति और सामूहिक सहभागिता का एक प्रभावशाली उदाहरण बनकर सामने आया। हजारों की संख्या में पहुंचे लोगों ने पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया और बाबासाहेब के विचारों को सम्मान देने के लिए एकजुटता का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य डॉ. आंबेडकर के समानता, न्याय और सामाजिक सशक्तिकरण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना रहा। आयोजन को विभिन्न सामाजिक संगठनों और समितियों के सहयोग से संपन्न किया गया, जिसमें कई सामाजिक कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका रही। पूरे स्थल को विशेष रूप से सजाया गया था और हर ओर उत्साह और ऊर्जा का वातावरण दिखाई दे रहा था।
इस अवसर पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने लोगों को विशेष रूप से आकर्षित किया। मंच पर प्रस्तुत गीतों और लोकनृत्यों ने माहौल को भावनात्मक और ऊर्जावान बना दिया। स्थानीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रमों ने दर्शकों का मन मोह लिया और पूरे आयोजन को जीवंत बना दिया। इसके साथ ही विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया, जिसमें शतरंज और क्रिकेट जैसे खेल शामिल रहे और बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम में तकनीक आधारित प्रस्तुतियों को भी शामिल किया गया, जिनके माध्यम से डॉ. आंबेडकर के जीवन और ऐतिहासिक घटनाओं को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया। इन प्रस्तुतियों ने दर्शकों को उनके संघर्ष और सामाजिक योगदान से जोड़ने का कार्य किया और कार्यक्रम को एक आधुनिक दृष्टिकोण भी प्रदान किया।
इस आयोजन में 135 किलोग्राम का विशाल केक भी आकर्षण का केंद्र रहा, जिसे जयंती के प्रतीक के रूप में काटा गया। इस अवसर पर कई विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति रही, जिन्होंने बाबासाहेब के विचारों और उनके सामाजिक योगदान पर अपने विचार व्यक्त किए। पूरे कार्यक्रम के दौरान अनुशासन और व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा गया।पूरे परिसर को सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों का केंद्र बना दिया गया था। यहां भोजन स्टॉल, पुस्तक प्रदर्शनी, सामाजिक जागरूकता केंद्र और उद्यमिता से जुड़े कियोस्क लगाए गए थे, जिससे लोगों को मनोरंजन के साथ-साथ ज्ञानवर्धन का अवसर भी मिला।
इस आयोजन में युवाओं की भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। उन्होंने न केवल कार्यक्रम में सक्रिय भूमिका निभाई बल्कि पूरे आयोजन को सफल बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम ने सामाजिक एकता और जागरूकता का मजबूत संदेश दिया और डॉ. आंबेडकर के विचारों को एक बार फिर व्यापक स्तर पर जीवंत किया।
