2 अक्टूबर को मुंबई के शिवाजी पार्क में CJP ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी अपनी अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन किया था। पुलिस की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद बड़ी संख्या में समर्थक वहां पहुंचे। प्रदर्शन में युवा बड़ी संख्या में शामिल हुए और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग वाले पोस्टर और तिरंगे नजर आए।
शिवाजी पार्क में जुटी बड़ी भीड़
शिवाजी पार्क बड़े राजनीतिक और सामाजिक आयोजनों के लिए जाना जाता है। प्रदर्शन के दौरान तेज गर्मी और बैरिकेडिंग के बावजूद बड़ी संख्या में युवा वहां पहुंचे। दादर स्टेशन और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे। प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाए और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।
मंच से दिपके ने इसे “जंतर-मंतर 2.0” बताते हुए ‘चलो दिल्ली’ का नारा दिया। उन्होंने कहा कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो देशभर के युवा और Gen-Z दिल्ली पहुंचेंगे। CJP की ओर से आगे अन्य शहरों में भी आंदोलन करने की बात कही गई है।
वोटर लिस्ट को लेकर दिपके के क्या आरोप?
दिपके ने चुनावी मतदाता सूची को लेकर कई दावे किए। उनका आरोप है कि दो साल में करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए। उन्होंने 2024 के करीब 97 करोड़ पंजीकृत मतदाताओं और लोकसभा चुनाव में NDA और विपक्षी गठबंधन के बीच करीब 2 प्रतिशत के वोट शेयर अंतर का हवाला देते हुए कहा कि इतनी बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने का चुनावी नतीजों पर असर पड़ सकता है।
दिपके ने दिल्ली में अरविंद केजरीवाल की सीट से करीब 40 हजार वोटर हटाए जाने और तमिलनाडु में करीब एक लाख नाम हटाए जाने का भी दावा किया। पश्चिम बंगाल में भी मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का आरोप उन्होंने लगाया। ये आंकड़े और आरोप CJP तथा दिपके के दावे हैं; इनका अंतिम सत्यापन या न्यायिक निष्कर्ष इस रिपोर्ट में स्थापित नहीं है।
दिपके ने यह भी आरोप लगाया कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में करीब 40 लाख वोटर जोड़े गए और इसे चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी से जोड़ा। बीजेपी समर्थकों की ओर से तेलंगाना, कर्नाटक और झारखंड में विपक्षी दलों की जीत का उदाहरण दिए जाने पर उन्होंने कहा कि अगर मैच फिक्स हो तो हर गेंद नो-बॉल नहीं होती और हर कैच नहीं छूटता।
CJP की प्रमुख मांगें क्या हैं?
मुंबई प्रदर्शन में CJP ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के अलावा उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग रखी। पार्टी ने SIR प्रक्रिया को रोकने और 2024 लोकसभा चुनाव से पहले वाली मतदाता सूची को बहाल करने की मांग भी उठाई है। इसके साथ नए मुख्य चुनाव आयुक्त के चयन के लिए स्वतंत्र संस्था बनाने की मांग भी सामने रखी गई है।
दिपके ने ‘एक देश, एक चुनाव’ की बहस को लेकर भी केंद्र सरकार पर आरोप लगाए। उनका कहना है कि बीजेपी का लक्ष्य ‘एक देश, एक पार्टी’ की दिशा में आगे बढ़ना है। उन्होंने महाराष्ट्र में शिवसेना और NCP से जुड़े राजनीतिक घटनाक्रमों का हवाला देते हुए क्षेत्रीय दलों को कमजोर करने का आरोप लगाया और शिंदे गुट की शिवसेना को ‘शेल कंपनी’ कहा। ये दिपके के राजनीतिक आरोप हैं।
प्रदर्शन में फिल्मी हस्तियां भी पहुंचीं
शिवाजी पार्क के प्रदर्शन में अभिनेता नसीरुद्दीन शाह, शबाना आजमी, निर्देशक विशाल भारद्वाज, फिल्मकार हंसल मेहता, संगीतकार विशाल ददलानी और महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी समेत कई लोग मौजूद रहे। शिवसेना (यूबीटी) ने भी प्रदर्शन को समर्थन दिया।
स्थानीय विधायक महेश सावंत ने बताया कि आदित्य ठाकरे की तबीयत खराब होने के कारण वह प्रदर्शन में शामिल नहीं हुए।
CJP नेता ने दिल्ली पुलिस को दी चेतावनी
CJP नेता सौरव दास ने पिछले जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने को लेकर दिल्ली पुलिस पर निशाना साधा। उन्होंने पुलिस को चेतावनी देते हुए कहा कि वह अपने रवैये में सुधार करे, वरना आंदोलन और तेज किया जाएगा। CJP नेताओं ने इसे ‘जंतर-मंतर सीजन 2’ बताया है।
वामपंथी कार्यकर्ता शैलेश कांबले ने कहा कि कई वामपंथी संगठन भी आंदोलन में शामिल हुए हैं। वहीं, कानून के छात्र आयान पटेल ने मतदान के अधिकार और चुनावी प्रक्रिया पर चिंता जताई। मंच से बोलने वाली किशोरी अनुजा ने भी सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की।
अब CJP ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर अगला प्रदर्शन करने की घोषणा की है। हालांकि, इस प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी स्थिति अलग विषय है और इसमें बदलाव संभव है।
