पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक यह घटना 18 अक्टूबर की रात करीब 11 बजकर 5 मिनट की है। उस समय निराला एस्पायर सोसाइटी में गरबा कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा था जिसमें सोसाइटी के परिवार और महिलाएं हिस्सा ले रहे थे। इसी दौरान चार गाड़ियों में करीब दस लोग वहां पहुंचे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इन लोगों ने अन्य गाड़ियों को भी परिसर में बुला लिया और नो पार्किंग क्षेत्र में जबरन वाहन खड़े कर दिए। इसके बाद कुछ लोग गरबा कार्यक्रम में पहुंचे और वहां मौजूद महिलाओं के साथ बदसलूकी करने लगे।
सोसाइटी के सिक्योरिटी ऑफिसर विश्वास कुमार सिंह के मुताबिक जब लोगों ने इस व्यवहार का विरोध किया और गाड़ियां हटाने के लिए अनाउंसमेंट कराया गया तो आरोपी भड़क गए। आरोप है कि उन्होंने गाली-गलौज शुरू कर दी और सोसाइटी के निवासियों को जान से मारने की धमकी देने लगे। शिकायत में यह भी कहा गया है कि कुछ लोग शराब के नशे में थे। घटना के दौरान मौजूद लोगों ने स्थिति को संभालने की कोशिश की लेकिन विवाद बढ़ता चला गया। इसके बाद आरोपियों को सोसाइटी से बाहर जाने के लिए कहा गया।
शिकायत के अनुसार गाड़ियों में बैठकर निकलते समय थार सवार लोगों ने तेज रफ्तार से वाहन दौड़ाया। जब सुरक्षा गार्ड और कुछ निवासियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो आरोप है कि उन्होंने गाड़ी की रफ्तार और बढ़ा दी। इससे वहां मौजूद लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। बताया गया है कि थार सवार पहले सोसाइटी के मुख्य गेट की तरफ पहुंचे लेकिन वहां रोके जाने की कोशिश के बाद वे गेट नंबर दो की ओर भागे। गेट बंद मिलने पर थार से उतरे एक व्यक्ति ने उसे खोलने का प्रयास किया। गार्ड के रोकने पर आरोपियों ने कथित तौर पर बूम बैरियर तोड़ दिया और गाड़ी समेत मौके से फरार हो गए।
घटना के दौरान सोसाइटी की ओर से पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 पर कॉल कर मदद मांगी गई थी। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि पूरे घटनाक्रम से जुड़े वीडियो साक्ष्य भी मौजूद हैं। शिकायत में अन्य गाड़ियों और उनमें मौजूद लोगों का भी उल्लेख किया गया है। सोसाइटी के निवासियों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो और परिसर में रहने वाले परिवार सुरक्षित महसूस कर सकें।
वहीं बिसरख थाना पुलिस ने मामले को संज्ञान में लेते हुए शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा से संबंधित प्रावधानों के तहत धारा 151 की कार्रवाई भी की गई है। मामले में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। फिलहाल इस घटना ने सोसाइटी में महिलाओं की सुरक्षा और सार्वजनिक आयोजनों के दौरान बाहरी लोगों की आवाजाही पर निगरानी जैसे सवाल खड़े कर दिए हैं।
