महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपने बयान में कहा कि विपक्ष सत्ता परिवर्तन चाहता है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो सरकार अपने ही निहत्थे नागरिकों को राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए कथित रूप से अवैध तरीके से हिरासत में लेती है और उन्हें जेल भेजने के लिए पुलिस तंत्र का इस्तेमाल करती है, उसे सत्ता में बने रहने का अधिकार नहीं है। उन्होंने हिरासत की कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए। उनका यह बयान चुनावी अनियमितताओं के विरोध में हो रहे प्रदर्शनों को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच आया है।
इससे पहले कपिल सिब्बल ने भी सत्ता परिवर्तन की मांग को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा था। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विपक्षी दलों पर आरोप लगाया था कि वे बांग्लादेश की तर्ज पर सत्ता परिवर्तन की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि विपक्षी दल अराजकता फैलाने के लिए युवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं।
राजनाथ सिंह ने लखनऊ में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि लोकतंत्र किसी को भी अराजकता फैलाने या संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता कमजोर करने की अनुमति नहीं देता। उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी में कथित चुनावी अनियमितताओं के विरोध में हुए प्रदर्शनों को लेकर विपक्ष की भूमिका पर सवाल उठाए थे।
रक्षा मंत्री के आरोपों का जवाब देते हुए कपिल सिब्बल ने कहा कि सत्ता परिवर्तन की मांग कांग्रेस या विपक्षी दलों की ओर से नहीं, बल्कि देश की जनता की ओर से उठ रही है। उन्होंने अपने बयान में मौजूदा सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए। सिब्बल ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन के नारों के साथ सत्ता में आई सरकार ने बाद में भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया, संस्थाओं पर नियंत्रण स्थापित किया और मतदाता सूची में हेरफेर किया। उन्होंने कहा कि अब सरकार के जाने का समय आ गया है। ये आरोप विपक्ष की ओर से लगाए गए हैं।
इस राजनीतिक विवाद में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण के सत्ता परिवर्तन संबंधी बयान का उल्लेख करते हुए कहा कि विपक्ष की टिप्पणियां देश को अस्थिर करने के कथित एजेंडे की ओर संकेत करती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष चुनाव सुधारों, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर या युवाओं के भविष्य के लिए नहीं, बल्कि किसी भी कीमत पर सत्ता हासिल करने के लिए प्रयास कर रहा है।
नितिन नवीन ने सोशल मीडिया पर अपने बयान में सत्ता परिवर्तन जैसे शब्दों के इस्तेमाल को विपक्ष की मंशा से जोड़ते हुए विदेशी ताकतों के साथ मिलकर देश को अस्थिर करने का आरोप लगाया। उन्होंने विपक्ष की राजनीति को कथित तौर पर अर्बन नक्सल एजेंडे से भी जोड़ा। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता हासिल करने का रास्ता जनता के जनादेश से होकर गुजरता है, न कि अराजकता के माध्यम से। उन्होंने दावा किया कि भाजपा और देश की जनता लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने के किसी भी प्रयास को सफल नहीं होने देंगी।
सत्ता परिवर्तन को लेकर यह बयानबाजी ऐसे समय में हो रही है, जब चुनावी प्रक्रिया, मतदाता सूची के पुनरीक्षण और कथित अनियमितताओं को लेकर राजनीतिक दलों के बीच विवाद जारी है। विपक्ष सरकार की कार्यशैली और चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठा रहा है, जबकि भाजपा इन आरोपों को राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने की कोशिश बता रही है। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप से केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच टकराव का मुद्दा और प्रमुख हो गया है।
