मारिया नवरात्रि के दौरान मुंबई के एक मॉल में आयोजित गरबा कार्यक्रम देख रही थीं। वहां बड़ी संख्या में लोग पारंपरिक परिधानों में एक साथ नृत्य कर रहे थे। कोई गोल घेरे में घूमकर गरबा कर रहा था, तो कोई संगीत की लय के साथ अपने कदम मिला रहा था। चारों ओर उत्सव का माहौल था। मारिया ने इस दृश्य का वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर साझा किया। वीडियो में वह सफेद कुर्ते और झुमकों में दिखाई दे रही हैं। हालांकि, लोगों का ध्यान उनके पहनावे से ज्यादा उस भावुक प्रतिक्रिया पर गया, जो गरबा देखते समय उनके चेहरे पर नजर आई।
मारिया ने बताया कि उस समय उन्हें खुद भी पूरी तरह समझ नहीं आ रहा था कि वह इतनी भावुक क्यों हो गईं। भारतीय संस्कृति के प्रति लगाव, भारत छोड़ने का विचार या फिर बड़ी संख्या में लोगों को एक साथ खुशी मनाते देखना, इनमें से कोई भी वजह उनकी भावनाओं से जुड़ी हो सकती थी। उनके लिए यह केवल किसी उत्सव को देखने का अनुभव नहीं था, बल्कि भारत के साथ बने उनके भावनात्मक जुड़ाव को महसूस करने का एक खास अवसर था।
उन्होंने कहा कि इस पल ने उन्हें एहसास कराया कि भारत छोड़ने के बाद वह ऐसे नजारों को बहुत याद करेंगी। त्योहार के दौरान लोगों की खुशी, एक-दूसरे के साथ उनका जुड़ाव और पूरे वातावरण में दिखाई देने वाली उमंग उनके लिए खास बन गई। किसी दूसरे देश में रहकर वहां की संस्कृति को करीब से देखना और उसके भावनात्मक पक्ष को महसूस करना उनके लिए यादगार अनुभव रहा।
मारिया ने गरबा के धार्मिक महत्व पर भी बात की। उनके अनुसार, गरबा केवल संगीत पर किया जाने वाला नृत्य नहीं है, बल्कि नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा के प्रति आस्था व्यक्त करने का माध्यम भी है। इस आयोजन में लोगों की खुशी और उनकी धार्मिक श्रद्धा एक साथ दिखाई देती है। नृत्य करते हुए लोग अपनी परंपराओं से जुड़े रहते हैं और सामूहिक रूप से त्योहार मनाते हैं। मारिया को यही मेल विशेष रूप से प्रभावित कर गया कि यहां उत्सव और भक्ति को एक साथ अनुभव किया जा सकता है।
वीडियो के साथ उन्होंने यह भी लिखा कि इस अनुभव ने उन्हें याद दिलाया कि उन्हें भारत से प्यार क्यों हुआ था। उन्होंने नवरात्रि मनाने वाले लोगों से पूछा कि उनके लिए इस त्योहार का क्या अर्थ है। उनकी इस बात से पता चलता है कि वह केवल उत्सव का दृश्य देखने तक सीमित नहीं रहना चाहती थीं, बल्कि उसके पीछे की आस्था और परंपरा को भी समझना चाहती थीं।
मारिया के वीडियो पर सोशल मीडिया यूजर्स ने भी सकारात्मक प्रतिक्रियाएं दीं। कई लोगों ने उनकी भावनाओं की सराहना की और कहा कि किसी संस्कृति को समझने का अर्थ उसके रीति-रिवाजों के साथ-साथ उनसे जुड़ी भावनाओं को जानना भी है। कुछ लोगों ने उनके अनुभव को प्रेरणादायक बताया, जबकि अन्य ने उन्हें भारत के दूसरे त्योहारों को देखने की सलाह दी। इनमें दुर्गा पूजा और दिवाली का अनुभव लेने के सुझाव भी शामिल थे।
भारत के अलग-अलग हिस्सों में त्योहारों को विविध परंपराओं और तरीकों से मनाया जाता है। मारिया के लिए मुंबई के मॉल में गरबा देखना ऐसा ही एक अनुभव बना, जिसने उन्हें भारतीय संस्कृति से अपने जुड़ाव का एहसास कराया। उनकी भावुक प्रतिक्रिया ने यह दिखाया कि कभी-कभी किसी जगह के लोगों को खुशी मनाते देखना भी ऐसी याद बना सकता है, जिसे वहां से दूर जाने के बाद लंबे समय तक याद किया जाए।
