नई दिल्ली ।आधार कार्ड में नाम की स्पेलिंग ठीक कराने, शादी या तलाक के बाद सरनेम बदलने और पूरा नाम बदलने के लिए अब बदलाव की श्रेणी के अनुसार प्रक्रिया अपनानी होगी। UIDAI की नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर यानी SOP 18 सितंबर 2026 से लागू है। इसमें नाम में होने वाले अलग-अलग बदलावों के लिए अलग नियम और दस्तावेज तय किए गए हैं। इसलिए हर तरह के नाम सुधार के लिए एक जैसे कागजात लेकर आधार केंद्र जाना जरूरी नहीं है।
नाम में मामूली गलती को माइनर नेम चेंज की श्रेणी में रखा गया है। इसमें नाम की छोटी स्पेलिंग गलती सुधारना, नाम के शुरुआती अक्षर या छोटे रूप को पूरा लिखना, बीच या आखिरी नाम जोड़ना अथवा हटाना और नाम के क्रम में बदलाव करना शामिल है। यदि नाम का उच्चारण लगभग समान है, लेकिन उसकी स्पेलिंग में मामूली अंतर है, तो उसे भी छोटे बदलाव के रूप में देखा जा सकता है। इसके अलावा नाम में गलत जगह लगाए गए डॉट और बड़े या छोटे अक्षरों से जुड़ी गड़बड़ी को भी ठीक कराया जा सकता है।
शादी या तलाक के बाद सरनेम बदलने के लिए नई SOP में अलग व्यवस्था है। ऐसे मामलों में तय प्रारूप का Annexure-D शपथ पत्र और पहचान का प्रमाण देना होगा। शपथ पत्र में यह स्पष्ट किया जाता है कि नाम में बदलाव शादी या तलाक के कारण किया जा रहा है और इससे संबंधित व्यक्ति की पहचान नहीं बदल रही है।
कुछ मामलों में आधार बनवाते समय ही नाम गलत दर्ज हो जाता है। ऐसा तब हो सकता है जब व्यक्ति द्वारा दिए गए दस्तावेज में नाम सही हो, लेकिन आधार में जानकारी दर्ज करते समय डेटा एंट्री की गलती हो जाए। UIDAI ऐसे मामलों को डेटा एंट्री की त्रुटि के रूप में मानता है। वयस्कों के मामले में Annexure-B के तहत शपथ पत्र के साथ पहचान या रिश्ते का प्रमाण मांगा जा सकता है। नाबालिगों के लिए Annexure-C और संबंधित दस्तावेज लागू होंगे। यदि आधार में अंग्रेजी में नाम सही है, लेकिन स्थानीय भाषा में गलत दर्ज है, तो उसे भी सुधरवाने की व्यवस्था है।
पूरे नाम में बदलाव के लिए नियम अलग हैं। यदि कोई व्यक्ति अपना पूरा नाम बदलना चाहता है या बदलाव इतना बड़ा है कि उसकी पहचान में परिवर्तन माना जाए, तो इसे मेजर नेम चेंज की श्रेणी में रखा जाता है। ऐसे मामलों में गजट नोटिफिकेशन की जरूरत पड़ सकती है। मौजूदा व्यवस्था के अनुसार पूरे नाम में बदलाव के लिए राज्य या केंद्र सरकार का गजट नोटिफिकेशन और पुराने नाम वाला पहचान प्रमाण जरूरी होता है।
आधार में नाम अपडेट कराने के लिए सबसे पहले यह तय करना होगा कि बदलाव किस श्रेणी में आता है। इसके बाद संबंधित श्रेणी में जरूरी दस्तावेज जुटाने होंगे। जहां आवश्यक हो, वहां निर्धारित शपथ पत्र या घोषणा तैयार करनी होगी। इसके बाद आधार एनरोलमेंट या अपडेट सेंटर पर जाकर सहायक दस्तावेजों के साथ नाम अपडेट करने का अनुरोध जमा करना होगा।
रिक्वेस्ट जमा करने के बाद जरूरी वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी करनी होगी और उसका एक्नॉलेजमेंट लेना होगा। इसी एक्नॉलेजमेंट में उपलब्ध जानकारी के जरिए आधार अपडेट रिक्वेस्ट का स्टेटस ट्रैक किया जा सकता है। इस तरह नाम में छोटे सुधार से लेकर बड़े बदलाव तक प्रक्रिया संबंधित श्रेणी और उसके लिए निर्धारित दस्तावेजों के आधार पर पूरी होगी।
