देहरादून जिले में चकराता विकासनगर सहसपुर धर्मपुर रायपुर राजपुर रोड देहरादून कैंट मसूरी डोईवाला और ऋषिकेश विधानसभा सीटें शामिल हैं। वर्ष 2022 में भाजपा ने इनमें से लगभग सभी सीटों पर जीत हासिल की थी। रायपुर सीट पर भाजपा के उमेश शर्मा काऊ ने कांग्रेस के हीरा सिंह बिष्ट को 30052 मतों से हराया था। काऊ को 65756 वोट मिले थे जबकि कांग्रेस प्रत्याशी को 35704 वोट प्राप्त हुए थे।
देहरादून कैंट सीट पर भाजपा ने दिवंगत विधायक हरबंस कपूर की पत्नी सविता कपूर को उम्मीदवार बनाया था। उन्होंने 45492 वोट हासिल कर कांग्रेस के सूर्यकांत धस्माना को 20938 मतों से हराया था। विकासनगर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के मुन्ना सिंह चौहान ने कांग्रेस के नवप्रभात को 5193 वोटों से पराजित किया था। चौहान को 40819 जबकि नवप्रभात को 35626 वोट मिले थे।
मसूरी विधानसभा सीट पर भाजपा के गणेश जोशी ने लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की थी। उन्होंने कांग्रेस की गोदावरी थापली को 15325 मतों से हराया था। धर्मपुर सीट पर भाजपा के विनोद चमोली ने कांग्रेस के दिनेश अग्रवाल को 10090 वोटों से शिकस्त दी थी। वहीं अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित राजपुर रोड सीट पर भाजपा के खजान दास ने कांग्रेस प्रत्याशी राजकुमार को 11163 मतों से हराकर जीत हासिल की थी।
डोईवाला सीट पर भाजपा के बृजभूषण गैरोला ने कांग्रेस के गौरव गिन्नी को 29021 वोटों के बड़े अंतर से पराजित किया था। उन्हें कुल 64946 वोट मिले थे। सहसपुर विधानसभा सीट पर भाजपा के सहदेव सिंह पुंडीर ने कांग्रेस के आर्येंद्र शर्मा को 8355 मतों से हराया था। ऋषिकेश सीट पर भाजपा के प्रेमचंद अग्रवाल ने कांग्रेस प्रत्याशी जयेंद्र रमोला को 19057 वोटों से पराजित कर लगातार चौथी बार जीत दर्ज की थी।
इन नौ सीटों पर भाजपा की जीत के बीच चकराता विधानसभा क्षेत्र कांग्रेस के लिए राहत लेकर आया था। यहां कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रीतम सिंह ने भाजपा प्रत्याशी रामशरण नौटियाल को 9436 मतों से हराया था। प्रीतम सिंह को 36853 वोट मिले थे जबकि भाजपा प्रत्याशी को 27417 वोट प्राप्त हुए थे। इस जीत के साथ कांग्रेस ने जिले में अपनी एकमात्र सीट बचाने में सफलता हासिल की थी।
अब 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए देहरादून जिले का पिछला चुनावी परिणाम फिर चर्चा में है। भाजपा के सामने अपने पिछले प्रदर्शन को दोहराने की चुनौती होगी जबकि कांग्रेस के लिए जिले में अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करना महत्वपूर्ण रहेगा। हालांकि पिछले चुनाव के आंकड़े केवल उस समय के जनादेश को दर्शाते हैं। आगामी चुनाव में मतदाताओं का रुख क्या रहेगा यह उम्मीदवारों राजनीतिक मुद्दों और चुनावी परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
