शिवपुरी– करेरा में जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी की जयंती इस वर्ष अत्यंत श्रद्धा, अनुशासन और आध्यात्मिक गरिमा के साथ मनाई गई। परम पूज्य मुनि श्री विध्रुव सागर जी महाराज के पावन सानिध्य में संपूर्ण जैन समाज ने एकजुट होकर इस पर्व को धर्म, साधना और सामाजिक एकता के उत्सव के रूप में मनाया।
इंदौर से सिद्ध क्षेत्र सोनागिरी की ओर विहार करते हुए मुनि श्री का करेरा आगमन नगर के लिए विशेष सौभाग्य रहा। पूर्व संध्या पर उनके मंगल प्रवेश के दौरान श्रद्धालुओं ने भव्य स्वागत किया।
30 मार्च को प्रातः भगवान महावीर स्वामी एवं मां जिनवाणी की पालकियों के साथ भव्य शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से निकाली गई, जिसमें महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। केसरिया परिधान में महिलाएं और पारंपरिक वेशभूषा में पुरुषों ने आयोजन को भक्ति और उल्लास से भर दिया।
नई कॉलोनी स्थित जिनालय में 108 कलशों से अभिषेक, शांतिधारा एवं अन्य मांगलिक क्रियाएं संपन्न हुईं। मुनि श्री ने अपने प्रवचन में अहिंसा, सत्य और संयम के मार्ग पर चलने का संदेश देते हुए महावीर स्वामी के सिद्धांतों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
संध्या में भक्ताम्बर स्तोत्र के 48 काव्यों के साथ दीपार्चना एवं महाआरती का आयोजन हुआ, जिससे वातावरण भक्तिमय हो उठा। अंत में सामूहिक वात्सल्य भोज के माध्यम से समाज में प्रेम, सद्भाव और एकता का संदेश दिया गया।
यह आयोजन करेरा के लिए आध्यात्मिक जागरण और सामाजिक समरसता का प्रेरणादायी प्रतीक बना।
