गाजियाबाद के मुरादनगर क्षेत्र के बसंतपुर सैंथली गांव निवासी चिराग त्यागी देश के उभरते हुए पैरा एथलीटों में गिने जाते थे। हाल ही में उन्होंने बेंगलुरु में आयोजित राष्ट्रीय पैरा एथलेटिक्स प्रतियोगिता की 400 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीतकर बड़ी उपलब्धि हासिल की थी। इस जीत के साथ उन्होंने अक्टूबर में जापान में होने वाले पैरा एशियन गेम्स के लिए भी अपनी जगह लगभग सुनिश्चित कर ली थी। परिवार और गांव में उनकी सफलता का जश्न मनाया जा रहा था, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि यह खुशी कुछ ही दिनों में मातम में बदल जाएगी।
पुलिस के अनुसार साईं कुंज इलाके में एक युवक का शव मिलने की सूचना के बाद जांच शुरू की गई। घटनास्थल पर पहुंची टीम ने पाया कि चिराग को बेहद नजदीक से गोली मारी गई थी। शुरुआती जांच में हत्या की आशंका के बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। इसी दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया, जिसकी पहचान यश खटीक के रूप में हुई।
पूछताछ के दौरान यश खटीक ने हत्या की बात स्वीकार कर ली। पुलिस जांच में सामने आया कि यश भी पैरा एथलेटिक्स से जुड़ा खिलाड़ी है और पहले चिराग के साथ प्रशिक्षण लिया करता था। दोनों ब्लाइंड कैटेगरी की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते थे। आरोपी ने बताया कि कुछ समय पहले दस्तावेज सत्यापन से जुड़े एक मामले में चिराग ने उसके खिलाफ शिकायत की थी। शिकायत के बाद उसका क्वालिफिकेशन रद्द हो गया और वह प्रतियोगिता से बाहर हो गया था। इसी बात को लेकर वह चिराग से नाराज चल रहा था और बदला लेने की योजना बना रहा था।
पुलिस के मुताबिक आरोपी ने अवैध रूप से पिस्तौल की व्यवस्था की और मौका मिलते ही चिराग को निशाना बना दिया। हत्या के बाद वह फरार होने की कोशिश कर रहा था, लेकिन सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच की मदद से उसे जल्द ही पकड़ लिया गया।
परिजनों के अनुसार चिराग घर से यह कहकर निकले थे कि वह हॉस्टल जा रहे हैं। काफी देर तक संपर्क न होने पर परिवार चिंतित हो गया था। इसी बीच पुलिस को एक शव मिलने की सूचना मिली और बाद में उसकी पहचान चिराग के रूप में हुई। इस खबर से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
पुलिस अब हत्या में इस्तेमाल की गई पिस्तौल की तलाश कर रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस वारदात में किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका थी। मामले में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
चिराग त्यागी की असमय मौत ने न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे खेल समुदाय को गहरे सदमे में डाल दिया है। एक ऐसा खिलाड़ी, जो कुछ महीनों बाद जापान में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाला था, अब सिर्फ यादों में रह गया है।
