जीत रावल का जन्म 22 सितंबर 1988 को अहमदाबाद में हुआ था। उनके पिता चाहते थे कि उनका बेटा एक दिन न्यूजीलैंड की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के लिए खेले। इस सपने को साकार करने के लिए परिवार ने बड़ा फैसला लिया और न्यूजीलैंड में बस गया। रावल ने वहां क्रिकेट में अपनी प्रतिभा दिखाई और न्यूजीलैंड की अंडर-19 टीम तक पहुंचे। इसके बाद उन्होंने घरेलू क्रिकेट में ऑकलैंड और नॉर्दर्न डिस्ट्रिक्ट्स की ओर से खेलते हुए लगातार अच्छा प्रदर्शन किया। उनके लिए न्यूजीलैंड की राष्ट्रीय टीम तक पहुंचना केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं थी बल्कि उनके पिता के वर्षों पुराने सपने का पूरा होना भी था।
नॉर्दर्न डिस्ट्रिक्ट्स क्रिकेट एसोसिएशन को दिए गए इंटरव्यू में रावल ने अपने संन्यास के फैसले पर संतुष्टि जाहिर की। उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड के लिए खेलना उनका और उनके पिता का बचपन का सपना था। इस सपने को पूरा करने के लिए उनके पिता ने पूरे परिवार को न्यूजीलैंड ले जाने जैसा बड़ा कदम उठाया था। राष्ट्रीय टीम की जर्सी पहनने का अवसर मिलना उनके लिए गर्व की बात रही। अब पेशेवर क्रिकेट को अलविदा कहते हुए वह अपने करियर के इस अध्याय को संतोष के साथ समाप्त करना चाहते हैं।
रावल की कहानी का एक दिलचस्प पहलू भारत में बिताए उनके स्कूल के दिन भी हैं। न्यूजीलैंड जाने से पहले वह विद्यानगर स्कूल में पढ़ते थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात भारत के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज पार्थिव पटेल से हुई थी। दोनों स्कूल क्रिकेट में साथ खेलते थे और पारी की शुरुआत करते थे। उस समय शायद किसी ने नहीं सोचा होगा कि दोनों खिलाड़ी आगे चलकर अलग-अलग क्रिकेट सफर तय करेंगे। पार्थिव पटेल ने भारतीय टीम में अपनी पहचान बनाई जबकि रावल ने न्यूजीलैंड की टेस्ट टीम का प्रतिनिधित्व किया।
रावल ने नवंबर 2016 में 28 वर्ष की उम्र में न्यूजीलैंड के लिए टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था। उन्होंने देश के लिए 24 टेस्ट मैच खेले। टेस्ट की 39 पारियों में उनके बल्ले से एक शतक और सात अर्धशतकों की मदद से 1143 रन निकले। उन्हें न्यूजीलैंड की ओर से वनडे और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने का मौका नहीं मिला। इसके बावजूद घरेलू क्रिकेट में उनका प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा।
प्रथम श्रेणी क्रिकेट में रावल ने 164 मैचों में 24 शतक और 50 अर्धशतक लगाते हुए 10432 रन बनाए। उनका सर्वाधिक स्कोर 256 रन रहा। लिस्ट ए क्रिकेट में उन्होंने 96 मैचों में 2714 रन बनाए जिसमें चार शतक और 13 अर्धशतक शामिल हैं। वहीं 76 टी20 मुकाबलों में उन्होंने आठ अर्धशतकों के साथ 1484 रन बनाए। नॉर्दर्न डिस्ट्रिक्ट्स के क्रिकेट जनरल मैनेजर इयान सैंडब्रुक ने भी उन्हें अनुभवी खिलाड़ी और शानदार नेतृत्वकर्ता बताते हुए उनकी तारीफ की। उनके मुताबिक टीम को रावल के अनुभव और शांत नेतृत्व की कमी खलेगी। क्रिकेट से संन्यास के बाद रावल अब चार्टर्ड अकाउंटेंट के रूप में अपना पेशेवर सफर आगे बढ़ाएंगे।
