⚕ चोट बनी करियर की सबसे बड़ी बाधा
एक्सेलसन लंबे समय से पीठ दर्द से जूझ रहे थे। पिछले साल अप्रैल में उनकी सर्जरी भी हुई थी, जिसके बाद उन्होंने लंबा रिहैबिलिटेशन किया। हालांकि वापसी के बाद अक्टूबर में उन्हें फिर झटका लगा और तब से वह पूरी क्षमता के साथ कोर्ट पर नहीं लौट पाए। उन्होंने बताया कि दर्द इतना ज्यादा था कि वह न तो ट्रेनिंग कर पा रहे थे और न ही मैच खेल पा रहे थे। डॉक्टरों की सलाह और संभावित दूसरी सर्जरी के जोखिम को देखते हुए उन्होंने आखिरकार रैकेट रखने का फैसला कर लिया।
सुनहरे करियर पर एक नजर
2010 में प्रोफेशनल डेब्यू करने वाले एक्सेलसन ने अपने करियर में लगभग हर बड़ा खिताब जीता। उन्होंने Tokyo 2020 Olympics और Paris 2024 Olympics में लगातार दो बार गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। इससे पहले Rio 2016 Olympics में उन्होंने कांस्य पदक हासिल किया था। वह ओलंपिक इतिहास में सबसे ज्यादा पदक जीतने वाले पुरुष बैडमिंटन खिलाड़ियों में शामिल हैं।
भावुक बयान: “मेरा शरीर अब रुकने को कह रहा है”
संन्यास की घोषणा करते हुए एक्सेलसन ने कहा कि यह फैसला लेना उनके लिए बेहद कठिन था, लेकिन शरीर के संकेतों को नजरअंदाज करना अब संभव नहीं था। उन्होंने कहा, “डॉक्टरों ने बताया कि मौजूदा दर्द के लिए शायद एक और सर्जरी करनी पड़ सकती है, और अगर वह सफल नहीं हुई तो स्थिति और बिगड़ सकती है। ऐसे में मेरा शरीर मुझे रुकने का इशारा दे रहा है।” उनके इस बयान से साफ झलकता है कि उन्होंने मजबूरी में यह फैसला लिया।
बैडमिंटन जगत में छोड़ी अमिट छाप
एक्सेलसन का नाम उन खिलाड़ियों में लिया जाएगा जिन्होंने बैडमिंटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनकी फिटनेस, अनुशासन और आक्रामक खेल शैली ने उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाया। उन्होंने न सिर्फ एशियाई दबदबे को चुनौती दी, बल्कि यूरोप से एक नई पहचान भी बनाई।
