टेक्नोलॉजी और हेल्थ ट्रैकिंग के क्षेत्र में नया प्रयोग कर रहा Temple वियरेबल डिवाइस अपनी खास डिजाइन को लेकर चर्चा में है। जोमैटो के संस्थापक दीपिंदर गोयल ने इस डिवाइस से जुड़ी एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच के दौरान यूजर्स को Temple डिवाइस को अपनी कनपटी से उतारने की जरूरत नहीं होगी। उनके मुताबिक, इसे पहनकर सामान्य मेटल डिटेक्टर से गुजरने पर अलार्म नहीं बजेगा। इस जानकारी से उन लोगों को राहत मिल सकती है, जो यात्रा के दौरान भी लगातार अपने स्वास्थ्य से जुड़े आंकड़ों की निगरानी करना चाहते हैं।
दरअसल, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक यूजर ने दीपिंदर गोयल से पूछा था कि क्या हवाई अड्डे पर सुरक्षा जांच के समय Temple वियरेबल को हटाना पड़ेगा। इस सवाल के जवाब में गोयल ने कहा कि डिवाइस से मेटल डिटेक्टर का अलार्म सक्रिय नहीं होता। उनका यह जवाब उन संभावित ग्राहकों के लिए अहम है, जिन्हें एयरपोर्ट की सुरक्षा जांच के दौरान इस गैजेट को लेकर परेशानी होने की आशंका थी।
Temple को खास तौर पर कनपटी पर पहनने के लिए डिजाइन किया गया है। इसका उद्देश्य शरीर और मस्तिष्क में होने वाले कुछ बदलावों से संबंधित संकेतों को लगातार ट्रैक करना है। सामान्य स्मार्टवॉच की तरह कलाई पर पहनने के बजाय यह डिवाइस सिर के किनारे लगाया जाता है। इसकी इसी अलग डिजाइन ने टेक्नोलॉजी और वेलनेस से जुड़े लोगों का ध्यान आकर्षित किया है।
डिवाइस को लेकर सामने आई जानकारी के अनुसार, इसमें एडवांस्ड ऑप्टिकल सेंसर का इस्तेमाल किया गया है। ये सेंसर फोटोप्लेथिस्मोग्राफी (PPG) तकनीक पर काम करते हैं। इस तकनीक के जरिए रक्त प्रवाह में होने वाले बदलावों को प्रकाश आधारित सेंसर की मदद से मापा जाता है। कंपनी का दावा है कि Temple के सेंसर मस्तिष्क में रक्त प्रवाह से जुड़े बदलावों को लगातार ट्रैक करने में सक्षम हैं।
कंपनी ने इस विशेष मेट्रिक को BrainFlow नाम दिया है। इसके जरिए उपयोगकर्ताओं को मस्तिष्क में रक्त प्रवाह से संबंधित आंकड़ों की जानकारी देने की योजना है। हालांकि, इस तरह के आंकड़ों का वास्तविक स्वास्थ्य संबंधी महत्व समझने के लिए उनकी वैज्ञानिक उपयोगिता और चिकित्सकीय व्याख्या महत्वपूर्ण होगी। डिवाइस को लेकर अभी तक सामने आई जानकारियां मुख्य रूप से इसकी तकनीक और संभावित उपयोग से संबंधित हैं।
Temple की एक अन्य खास सुविधा यह है कि उपयोगकर्ता इससे प्राप्त डेटा अपने डॉक्टरों के साथ भी साझा कर सकेंगे। इससे स्वास्थ्य से जुड़े आंकड़ों को चिकित्सकीय परामर्श के दौरान इस्तेमाल करने का विकल्प मिलेगा। हालांकि, डॉक्टर इन आंकड़ों का किस तरह उपयोग करेंगे, यह उनकी चिकित्सकीय जांच और संबंधित व्यक्ति की स्थिति पर निर्भर करेगा।
दीपिंदर गोयल ने डिवाइस की बिक्री से पहले इससे जुड़ी कई जानकारियां साझा की हैं। Temple के लिए प्री-ऑर्डर 1 नवंबर से शुरू होने वाले हैं। भारत में इसकी कीमत 85,000 रुपये निर्धारित की गई है। यह कीमत इसे प्रीमियम हेल्थ ट्रैकिंग वियरेबल की श्रेणी में रखती है।
एयरपोर्ट पर मेटल डिटेक्टर से जुड़ी जानकारी के बाद Temple की यात्रा के दौरान उपयोगिता को लेकर संभावित ग्राहकों की दिलचस्पी बढ़ सकती है। हालांकि, गोयल का बयान सामान्य मेटल डिटेक्टर के संबंध में है। हवाई अड्डों पर सुरक्षा जांच के नियम और अतिरिक्त जांच की प्रक्रिया अलग हो सकती है। इसलिए यात्रियों को संबंधित एयरपोर्ट के सुरक्षा निर्देशों का पालन करना होगा।
कुल मिलाकर Temple केवल एक सामान्य वियरेबल गैजेट नहीं, बल्कि मस्तिष्क के रक्त प्रवाह से जुड़े संकेतों की निगरानी करने की तकनीक पर आधारित डिवाइस के रूप में पेश किया जा रहा है। इसकी वास्तविक उपयोगिता, सेंसर की सटीकता और स्वास्थ्य संबंधी आंकड़ों की विश्वसनीयता का आकलन इस्तेमाल और वैज्ञानिक परीक्षणों के आधार पर ही किया जा सकेगा।
