दरअसल, टचस्क्रीन डिवाइस आमतौर पर हमारी उंगलियों के जरिए काम करते हैं, क्योंकि उंगलियों में मौजूद नमी और कंडक्टिव गुण स्क्रीन के इलेक्ट्रिक फील्ड को प्रभावित करते हैं। लेकिन नाखून कंडक्टिव नहीं होते, इसलिए उनसे स्क्रीन पर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलती। यही वजह है कि लंबे नाखून रखने वालों को टाइपिंग और नेविगेशन में दिक्कत होती है।
इस समस्या का समाधान Centenary College of Louisiana की रिसर्च टीम ने खोजा है। वैज्ञानिकों ने एक खास एडिटिव तैयार किया है, जिसे नेल पॉलिश में मिलाकर लगाया जा सकता है। इस मिश्रण में एथेनोलामाइन और टॉरिन जैसे तत्व शामिल हैं, जो टचस्क्रीन के इलेक्ट्रिक फील्ड को प्रभावित कर सकते हैं।
जब इस पॉलिश को नाखूनों पर लगाया जाता है, तो नाखून भी स्क्रीन के साथ उसी तरह इंटरैक्ट करने लगते हैं जैसे उंगलियां या स्टाइलस करते हैं। यानी अब लंबे नाखून रखने वाले लोग भी बिना किसी परेशानी के स्मार्टफोन चला सकेंगे हे मैसेज टाइप करना हो या ऐप्स इस्तेमाल करना।
हालांकि, यह तकनीक अभी शुरुआती चरण में है और इसे बाजार में आने से पहले और परीक्षणों की जरूरत है। लेकिन अगर यह सफल होती है, तो यह न केवल ब्यूटी इंडस्ट्री बल्कि मोबाइल टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल के तरीके को भी बदल सकती है।
